अमेठी सिटी। लोगों को हज यात्रा पर भेजने का काम करने वाले एक सोसायटी संचालक ने तीन महिलाओं सहित चार लोगों के साथ 18 लाख रुपये की ठगी कर ली। सोसाइटी संचालक के जरिये फर्जी दस्तावेज पर भेजे गए हज यात्री सऊदी अरब के जेद्दा एयरपोर्ट से लौटा दिए गए। हज यात्री के बेटे ने कमरौली थाने में आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया है। इस मामले में पुलिस जांच पड़ताल कर रही है।
बाजार शुकुल थानाक्षेत्र के महोना पश्चिम गांव निवासी व भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के पूर्व जिला प्रभारी इमानुल्ला ने बताया कि उनके पिता अता उल्लाह, मां और फूफी सहित परिवार के चार लोगों को हज यात्रा पर जाना था। उन्होंने इसके लिए आवेदन किया था, लेकिन सरकारी हज यात्रा पर जाने वाली प्रक्रिया समय से पूरी नहीं कर पाए थे। जिसकी वजह से उन्होंने प्राइवेट तौर पर अपने पिता व परिवार के अन्य लोगों को हज यात्रा पर भेजने की योजना बनाई।
इसके लिए उन्होंने कमरौली थानाक्षेत्र के इंडस्ट्रियल एरिया में रहने वाला खुर्शीद अजीज की अल अजीज सोशल वेलफेयर सोसायटी से संपर्क किया। आरोप है कि खुर्शीद ट्रस्ट के माध्यम से लोगों को हज के लिए मक्का भेजता है। उसने प्रति व्यक्ति 4.5 लाख रुपये पर हज करवाने का वादा किया। इनामुल्लाह ने 17 लाख 20 हजार आरटीजीएस और 80 हजार रुपए कैश के रूप में सोसायटी संचालक को दे दिया।
आरोप है कि इन लोगों को दलाल ने हज यात्रा का वीजा देने के बजाय टूरिस्ट वीजा देकर भेज दिया। कहा गया कि जेद्दा एयरपोर्ट पर इन लोगों को हज यात्रा का वीजा मिल जाएगा। भरोसा कर लोग जेद्दा एयरपोर्ट पहुंच गए, लेकिन वहां कोई एजेंट नहीं मिला और पर्याप्त दस्तावेज न होने से सिक्योरिटी ने इन्हें पकड़ लिया।
इन लोगों को सऊदी में ही अज्ञात जगह पर ले जाकर छोड़ दिया। किसी तरह फोन के माध्यम से परिजनों से बात की। पीड़ित ने संचालक पर दबाव बनाया तो आनन फानन में सभी का टिकट करवाया। बिना हज यात्रा किए अपने घर पहुंचे। 18 लाख की ठगी को लेकर पीड़ित इमानुल्ला ने थाने में तहरीर दी।
जांच की जा रही
कमरौली थाने में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। एसओ अभिनेष कुमार ने बताया कि मामले में केस दर्ज कर जांच की जा रही है। जांच के बाद वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
आरोपी ने विभागीय मंत्री को भी की बदनाम करने की कोशिश
पीड़ित इमानुल्ला ने कहा कि अजीज ने एक व्यक्ति के हिसाब से 4 लाख 50 हजार रुपए की डिमांड की थी। जबकि आमतौर पर प्राइवेट तौर पर हज यात्रा पर जाने के लिए करीब सात लाख रुपए खर्च होते हैं। कम पैसे लेने की बात कही तो आरोपी ने कहा कि एक लाख रुपए एक व्यक्ति पर बचता है। इसलिए साढ़े चार लाख रुपए ही लेगा। किसान नेता ने अपने पिता अताउल्ला, मां जुबैदा बेगम, मां शमा परवीन और बुआ जसीरुल निशा को हज भेजने के लिए खुर्शीद अजीज को दो किस्तों में 18 लाख रुपये दिए थे।