मुसाफिरखाना के काशीपुर में बच्चे की लंबाई माप कर दवा खिलाते स्वास्थ्य कर्मी। -विभाग
अमेठी सिटी। ब्लॉक क्षेत्र मुसाफिरखाना के गांव पिंडारा महराज में चार परिवारों ने शनिवार को फाइलेरिया की दवा खाने से इन्कार कर दिया। जानकारी के बाद पहुंचे सीएमओ के समझाने-बुझाने के बाद परिवार के सदस्यों ने फाइलेरिया की दवा खाई। चार दिनों में अब तक दोनों ब्लॉकों में करीब 1.25 लाख लोगों ने फाइलेरिया की दवा खा ली है।
जिले के चिह्नित ब्लॉक मुसाफिरखाना और जामों में राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 25 फरवरी तक अभियान चल रहा है। घर-घर पहुंचकर टीमें लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा खिला रही हैं। फाइलेरिया मुक्त करने को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से दोनों ब्लॉकों की करीब 3,63,516 की आबादी को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाई जानी है।
अब तक दोनों ब्लॉकों में करीब 1.25 लोगों ने फाइलेरिया रोधी दवा खा ली है। जामों ब्लॉक में करीब 70 हजार व मुसाफिरखाना ब्लॉक में करीब 55 हजार लोगों ने दवा खाई है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा आदि की टीमें घर-घर जाकर एक वर्ष से अधिक आयु वर्ग के बच्चों व अन्य लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा खिला रही हैं।
मुसाफिरखाना ब्लॉक के पिंडारा महराज गांव में शनिवार को चार परिवारों ने फाइलेरिया रोधी दवा खाने से मना किया तो टीम ने सीएचसी अधीक्षक और सीएमओ कार्यालय में फाइलेरिया दवा खाने से इन्कार की सूचना दी। सूचना मिलने के बाद सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह टीम के साथ गांव पहुंचे।
सीएमओ ने सभी परिवारों के सदस्यों से बात की। उन्हें बीमारी की गंभीरता के बारे में समझाया। उसके बाद सभी परिवार के सदस्यों ने फाइलेरियारोधी दवा खाई। सीएमओ ने बताया कि चार परिवारों के दवा खाने से मना करने की सूचना मिली थी। बातचीत कर परिवार के सभी सदस्यों को दवा खिलाई गई। उन्होंने दोनों ब्लॉकों के लोगों से फाइलेरियारोधी दवा खाने की अपील की है जिससे ब्लॉक व गांव फाइलेरिया मुक्त बन सके।