अमेठी सिटी। जामो के बलभद्रपुर गांव एक महिला की बच्ची का जन्म प्रमाण पत्र फर्जी निकलते ही अधिकारी चौकन्ने हो गए। सोमवार को वह आधार पंजीकरण कराने पहुंची थी। रायबरेली के सलोन में जन्म प्रमाण पत्र व निवास प्रमाण पत्र में हुए फर्जीवाड़े से नसीहत लेते हुए आनन-फानन में यहां के अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी।
बच्ची का जन्म प्रमाण पत्र कैसे जारी हुआ, इसकी जांच शुरू कर दी है। फिलहाल जांच टीम अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी है।
जामो विकासखंड के शाहगढ़ क्षेत्र में बलभद्रपुर गांव निवासी मंगरू की बेटी का जन्म एक अक्तूबर 2019 को हुआ था। सीएचसी गौरीगंज की मुहर लगा 29 जून को जारी जन्म प्रमाण पत्र जब आधार की वेबसाइट पर अपलोड किया गया तो वह फर्जी प्रतीत हुआ। कंप्यूटर ऑपरेटर ने मामले से बीईओ व अन्य अधिकारियों को अवगत कराया। इसके बाद से जांच तेज हो गई है।
सीएचसी अधीक्षक का कहना है कि जन्म प्रमाण पत्र अस्पताल से जारी नहीं हुआ है। ऐसे में विभागीय अधिकारी जांच-पड़ताल में जुटे हुए हैं। डीपीआरओ मनोज कुमार त्यागी ने बताया कि मंगलवार को उन्होंने मामले की जांच की, जिसमें अभी तक कोई निष्कर्ष नहीं निकल सका है।
महिला ने कहा कि पैसे देकर बनवाया था प्रमाण पत्र
डीपीआरओ मनोज कुमार त्यागी ने शाहगढ़ क्षेत्र में जाकर मामले की जांच की। मामले में प्रकाश में आए मंगरू के घर जांच टीम पहुंची तो वह मौके पर मौजूद नहीं था। उसकी पत्नी श्यामकली ने बताया कि जन्म प्रमाण पत्र उसने जन सेवा केंद्र पर पैसे देकर एक निजी व्यक्ति के माध्यम से बनवाया था। जबकि जनसेवा केंद्र संचालक मामले से साफ इन्कार कर रहा है। अभी तक जांच का निष्कर्ष नहीं निकल सका है। डीपीआरओ ने बताया कि जांच जारी है।