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Amethi News: ध्वस्त हुआ बिजली का रोस्टर, उपभोक्ता बेहाल

Wed, 31 Jul 2024 04:47 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
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अमेठी। जिले में बिजली का रोस्टर ध्वस्त हो गया है। शहर हो या गांव रोस्टर के सापेक्ष आधी बिजली भी नहीं मिल पा रही है। बिजली के बिना लोग उमस भरी गर्मी में परेशान हैं। नलकूप नहीं चलने से खेती-किसानी का कार्य बाधित है। घरों में लगे उपकरण शोपीस बने हैं।
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सावन माह में खेतों में धूल उड़ रही है। नहरों में पानी नहीं है। धान की रोपाई और सिंचाई के लिए पानी की जरूरत है। लोग रात-दिन उमस भरी गर्मी से परेशान हैं। बिजली की मांग बढ़ गई है। मांग के सापेक्ष बिजली नहीं मिल पा रही है।
पावर काॅर्पोरेशन ने शहर व ग्रामीण क्षेत्रों के लिए रोस्टर जारी किया है। रोस्टर के अनुसार, शहरी क्षेत्र में 24 घंटे, तहसील क्षेत्र में 21 घंटे और ग्रामीण क्षेत्र में 18 घंटे की बिजली आपूर्ति की होनी है। बिजली की खपत के सामने यह रोस्टर ध्वस्त हो गया है।
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ग्रामीण क्षेत्रों में 10 घंटे नहीं मिल रही आपूर्ति
ग्रामीण क्षेत्रों में दिनरात के बीच 10 घंटे भी बिजली नहीं मिल पा रही है। लोगों को रात जागकर काटनी पड़ रही है। वहीं, बिजली कम मिलने से जरूरत के मुताबिक, किसानों के नलकूप भी नहीं चल पा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सोमवार दिन और रात में प्रति घंटे एक से दो घंटे की कटौती होती रही। लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
पावर काॅर्पोरेशन के अधिकारियों के अनुसार, मांग के सापेक्ष ऊपर से बिजली आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। सोमवार व मंगलवार को यही हाल जिले के विद्युत उपकेंद्र अमेठी, पीठीपुर, खेरौना, ठेंगहा शुकुलपुर, जिरहा बड़गांव, बेनीपुर, भादर, भेटुआ, गौरीगंज, शाहगढ़, पनियार समेत अन्य क्षेत्रों का रहा।
शहरी क्षेत्र का हाल भी ग्रामीण क्षेत्र जैसा ही है। 24 घंटे के रोस्टर के सापेक्ष 15 घंटे भी बिजली नहीं मिल पा रही है। ट्रिपिंग और लो वोल्टेज की समस्या अलग से है।

उपभोक्ता बोले, शहर व गांव दोनों का हाल एक जैसा
अमेठी। विंदेश्वरी प्रसाद दूबे ने बताया कि अघोषित कटौती से रात की नींद हराम हो गई है। दिन में भी बुरा हाल है। किसान नेता हरीश सिंह चुन्नू ने बताया कि पावर कॉर्पोरेशन की ओर से जारी रोस्टर पूरी तरह फेल है। ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे अधिक कटौती की जा रही है। भाकियू जिलाध्यक्ष दिनेश तिवारी ने बताया कि इस समय धान की रोपाई का मौसम है। बारिश नहीं हो रही है। बिजली कटौती से निजी नलकूप का संचालन भी बाधित है।
बड़गांव निवासी राम अचल तिवारी ने बताया कि बिजली कटौती ने रुला दिया है। अमेठी कस्बा निवासी शान मोहम्मद और सौरभ ने बताया कि शहर और गांव दोनों का एक जैसा हाल हो गया है। अद्योषित बिजली कटौती से सभी बेहाल हैं।

फसलों की सिंचाई बाधित

जगदीशपुर क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती से लोग परेशान हैं। ट्रिपिंग व लो वोल्टेज की समस्या लगातार बनी है। किसान की रोपाई व सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। वहीं, बाजार शुकुल क्षेत्र के विद्युत उपकेंद्र महोना, बाजारशुकुल में लो वोल्टेज व बार-बार ट्रिपिंग की समस्या बनी हुई है। बूबूपुर निवासी किसान श्रवण कुमार ने बताया कि सिंचाई नहीं हो पाने से धान की फसल सूख रही थी। मजबूरी में उसे जोतवा दिया। वहीं, जामो में सोमवार शाम छह बजे आपूर्ति शुरू होते कटौती का सिलसिला शुरू हो गया। रात दस बजे तक बिजली आधे-आधे घंटे तक कटती रही। रात दस बजे से सुबह चार बजे तक आपूर्ति ठप रही।


भादर में सात से आठ घंटे ही हुई बिजली आपूर्ति

भादर (अमेठी)। बिजली उपकेंद्र पीपरपुर के गांव नारायनपुर, अग्रेसर, सांगापुर, सोनारी, मरूई, तिवारीपुर में लगातार कटौती की जा रही है। सोमवार रात से लेकर मंगलवार दो बजे तक निर्धारित रोस्टर के सापेक्ष बमुश्किल सात से आठ घंटे बिजली आपूर्ति हुई। गर्मी में उपभोक्ताओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
किसानों के धान की सिंचाई नहीं हो पा रही है। कल-कारखाने सही ढंग से नहीं चल पा रहे हैं। संजय तिवारी, सुनील कुमार, मु.सफीक, प्रदीप यादव ने बताया कि इतनी कटौती तो पहले कभी नहीं हुई। हर दो घंटे आपूर्ति के बाद दो से ढाई घंटे तक की कटौती की जा रही है। जेई रवि सिंह ने कहा कि फाॅल्ट होने पर बिजली काटनी पड़ती है। बाकी रोस्टर के मुताबिक बिजली आपूर्ति की जा रही है।

बिजली की खपत बढ़ी
एक्सईएन रोहित सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में बिजली की खपत काफी अधिक हो गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में सोमवार को निर्धारित छह घंटे के बजाय करीब दस घंटे की कटौती हुई है। शहरी क्षेत्रों में ज्यादा कटौती नहीं हुई। सिर्फ फाॅल्ट दुरुस्त करने के लिए शट डाउन लिया गया।
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