अमेठी सिटी। कभी आम आदमी की पहचान रही साइकिल अब स्वस्थ जीवनशैली का महत्वपूर्ण माध्यम बन गई है। स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण लोग फिर से साइकिल की ओर लौट रहे हैं। यह जिम में पसीना बहाने के समान ही लाभ देती है।
विश्व साइकिल दिवस पर जिले में साइकिल चलाने का रुझान बढ़ा है। सुबह-शाम सड़कों पर युवा, नौकरीपेशा और बुजुर्ग साइकिल चलाते दिखते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि साइकिलिंग शरीर को सक्रिय रखती है। यह मानसिक तनाव कम करने में भी सहायक है। अहिरावल गांव के 62 वर्षीय कमला प्रसाद मिश्र आज भी साइकिल को प्राथमिकता देते हैं। उनका कहना है कि इससे शरीर चुस्त-दुरुस्त रहता है और अलग व्यायाम नहीं करना पड़ता। सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक राजेंद्र प्रसाद शुक्ल भी नियमित साइकिल चलाते हैं। वह इसे स्वास्थ्य के लिए सबसे सरल साधन मानते हैं।
स्वास्थ्य लाभ और आर्थिक बचत
सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजीव सौरभ के अनुसार, 30 से 45 मिनट साइकिल चलाने से हृदय मजबूत होता है। इससे रक्त संचार बेहतर होता है और अतिरिक्त कैलोरी भी खर्च होती है। नियमित साइकिलिंग वजन नियंत्रित कर मोटापा, मधुमेह व उच्च रक्तचाप का खतरा कम करती है। यह तनाव घटाकर शरीर की सहनशक्ति भी बढ़ाती है। साइकिलिंग में ईंधन या महंगे उपकरणों का खर्च नहीं होता, जिससे यह किफायती है।