त्रिलोकपुर में रोते-बिलखते परिजन। -संवाद
मुंशीगंज। त्रिलोकपुर गांव निवासी निर्मला (14) की करंट की चपेट में आने से हुई मौत के मामले में बुधवार को भी परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया। परिवार के लोग आरोपी की गिरफ्तारी, आर्थिक सहायता, जमीन और कॉलोनी दिए जाने की मांग पर अड़े रहे। पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार देर शाम शव घर पहुंचा था, जिसके बाद से परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं। बुधवार को दिनभर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी परिजनों को समझाने में जुटे रहे।
निर्मला की मां गुड्डी देवी का रो-रोकर बुरा हाल रहा। परिजनों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होगी, अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। निर्मला के चचेरे भाई शत्रुघ्न ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी और अन्य मांगें पूरी होने के बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा।
देर शाम तक चली बातचीत के बाद भी परिजन अपनी मांगों पर अड़े रहे। खबर लिखे जाने तक एसडीएम अमेठी पंकज मिश्रा और सीओ शिव प्रताप परिजनों को समझाने में जुटे रहे, लेकिन परिजन मुंबई में रहने वाले निर्मला के भाई अभिनाश के आने के बाद ही अंतिम संस्कार करने की जिद पर अड़े रहे।
किसान पर प्राथमिकी दर्ज, जांच शुरू
पुलिस ने रामदैयपुर निवासी किसान प्रशांत कुमार तिवारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। आरोप है कि किसान ने अपने खेत के चारों ओर लगाए गए कंटीले तार में झटका मशीन के जरिये करंट प्रवाहित कर रखा था। बकरी चराने गई निर्मला उसी करंट की चपेट में आ गई, जिससे उसकी मौत हो गई। कोतवाल शिवाकांत त्रिपाठी ने बताया कि निर्मला की मां की तहरीर पर नामजद प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।