जगदीशपुर (अमेठी)। औद्योगिक क्षेत्र के रोड नंबर चार पर संजय गांधी पॉलीटेक्निक के सामने स्थित पांच मंजिला मकान में बुधवार सुबह भीषण आग लग गई। भवन के बेसमेंट सहित नीचे की दो मंजिलों में बाइक स्पेयर पार्ट्स की दुकान है। ऊपर की तीन मंजिलों में तीन परिवार के 11 लोग रहते हैं, जिन्हें किसी तरह बचाया गया। बुधवार सुबह साढ़े सात बजे बिजली की शार्ट सर्किट से लगी आग पर दमकल की सात गाड़ियों ने तीन घंटे बाद काबू पाया। आग से लाखों के नुकसान की बात सामने आ रही है।
पांच मंजिला मकान के ऊपर के तीन तलों पर जमुना प्रसाद लोधी, ज्ञान चन्द लोधी और हुकुम चंद लोधी के परिवार रहते थे। इन परिवारों में कुल मिलाकर 11 लोग यहां रहते हैं। इस भवन में नीचे के तलों में पंजाब ऑटो सेल्स एंड सर्विस के नाम से इसी परिवार की दुकान है। भवन में ऊपर जाने का रास्ता दुकान से होकर जाता है। पीड़ितों के मुताबिक मौजूदा समय में इस दुकान में 25 लाख से अधिक स्पेयर पार्ट्स, प्लास्टिक का सामान व लुब्रीकेंट्स रखा था।
शार्ट सर्किट के बाद से आग ने अचानक विकराल रूप धारण किया। आग लगी तो परिवार के सुदामा, खुशी, तेजी, उर्मिला, रामलली घर में थे तो हुकुम चंद रवि और महक को स्कूल छोड़ने गए थे। आग लगने की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों ने किसी तरह रस्सी के सहारे ऊपर फंसे लोगों को बाहर निकाला। आग लगने की सूचना लोगों ने पुलिस को दी।
आग की विकरालता को देखते हुए मौके पर पहुंची पुलिस ने इंडोरामा खाद इकाई, जगदीशपुर, शुकुल बाजार, मोहनगंज, गौरीगंज और सुल्तानपुर से अग्नि शमन विभाग की सात दमकलों को बुलाकर आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की। स्थानीय लोगों की मदद से लगभग तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। तब तक पूरा मकान व उसमें मौजूद गृहस्थी व दुकानों का सामान जलकर खाक हो गया। कयास लगाए जा रहे हैं कि लुब्रीकेंट्स से आग तेजी से भड़की और फैली।
आग बुझने के बाद भी जले हुए मकान में काफी देर तक धुआं भरा रहा। पांच मंजिला भवन की दीवारें व छतों में दरारें आ गईं। प्लास्टर भी चटख गए। परिवार और सामान बचाने के चक्कर में ज्ञान चंद और उनके पिता भी तेज आंच की लपट लगने से मामूली रूप से झुलस गए।
जिस मकान में आग लगी उसके पास पालपुर जगदीशपुर निवासी रमजान अली का मकान है। इसमें एक दर्जी की दुकान है। इस मकान के ऊपरी हिस्से में एक परिवार किराए पर रहता है। घटना के समय केवल किराएदार ही थे। मकान में धुआं भरने के किराएदार परिवार सहित बाहर आ गया।