अमेठी। किशोर के अपहरण और जबरन निकाह से जुड़े प्रकरण में न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय रायबरेली कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए जायस थाना प्रभारी को एफआईआर दर्ज कर विवेचना कराने का आदेश दिया है। जायस कस्बा निवासी शकील की ओर से दायर वाद पर सुनवाई के दौरान न्यायालय ने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला गंभीर और संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसी स्थिति में पुलिस की निष्क्रियता उचित नहीं मानी जा सकती।
शकील के अनुसार, उसी ने अपने भाई समीर की परवरिश की। वर्ष 2023 में कस्बा निवासी बफाती ने अपनी पुत्री नाजिनी का निकाह समीर से कराने का प्रस्ताव रखा। समीर के नाबालिग होने और आयु में अंतर होने के कारण प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया गया। आरोप है कि इसके बाद बफाती ने रहमतुल और किस्मत अली के साथ मिलकर शकील की अनुपस्थिति में समीर का अपहरण कर लिया। 27 दिसंबर 2023 को जाफरगंज में जबरन निकाह करा दिया गया। बताया कि घटना की सूचना पुलिस को दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस अधीक्षक से शिकायत के बाद भी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया गया। विवश होकर पीड़ित को न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा।