जगदीशपुर। कस्बा स्थित निजी फाइनेंस कंपनी के शाखा प्रबंधक आकाश तिवारी (25) की मंगलवार रात लखनऊ-वाराणसी हाईवे पर वारिसगंज के निकट सड़क हादसे में मौत हो गई। मवेशी को बचाने के दौरान उनकी कार डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में उनके साथ कार पर बैठे पूरे सुक्खा सिंह टीकरमाफी निवासी अनुराग सिंह (24) घायल हो गए। आकाश बांदा के बबेरू के रहने वाले थे।
अनुराग के मुताबिक, जगदीशपुर कस्बे में आकाश किराये के कमरे में रहते थे। मंगलवार रात वह आकाश के साथ कार से वारिसगंज की ओर ढाबे पर भोजन करने जा रहे थे। कार आकाश चला रहे थे। लखनऊ-वाराणसी हाईवे पर भाले सुल्तान शहीद स्मारक के वारिसगंज के पास अचानक सामने मवेशी आ गया।
उसको बचाते वक्त कार अनियंत्रित हो गई। हादसे में दोनों लोग घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने दोनों को ट्राॅमा सेंटर जगदीशपुर पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने आकाश को मृत घोषित कर दिया। अनुराग काे प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। पुलिस से सूचना मिलने के बाद आकाश के परिजन ट्रॉमा सेंटर पहुंच गए। भाले सुल्तान शहीद स्मारक के थाना प्रभारी तनुज पाल ने बताया कि परिजनों से तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई होगी।
पिता बोले, भगवान ने छीन लिया सहारा
ट्रॉमा सेंटर पर मौजूद आकाश के पिता अंबरीश तिवारी बिलखते हुए बोले कि भगवान ने उनका सहारा छीन लिया। मां सीमा तिवारी ने रोते हुए बताया कि रात नौ बजे वीडियो कॉल पर बात हुई थी। आकाश ने दलिया बनाने की बात करते हुए दिखाया भी था। रोज दो-तीन बार फोन पर बात करता था। शाम को भी बात हुई थी, सब ठीक था... फिर अचानक ये सब हो गया। बहन श्रद्धा तिवारी भी भाई की मौत से बदहवास हैं। आकाश बैंक में काम करने के साथ एलएलबी भी कर रहे थे। अस्पताल में मौजूद सहकर्मी प्रिया श्रीवास्तव ने बताया कि रात को अंतिम बार परीक्षा के संबंध में बात हुई थी। कुछ देर बाद ही दुर्घटना की सूचना मिली।