बाजार शुकुल (अमेठी)। लखनऊ से आ रही हैदरगढ़ डिपो की रोडवेज बस में बुधवार की सुबह बाजार शुकुल इलाके में जमकर हंगामा हुआ। बस चालक व कंडक्टर और कुछ सवारियों के बीच टिकट को लेकर जमकर मारपीट हुई। दोनों पक्षों के लोग जख्मी हुए हैं। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ गंभीर आरोप लगाएं हैं। पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी है।
लखनऊ के चारबाग बस स्टैंड से बुधवार को हैदरगढ़ डिपो की एक बस अमेठी के बाजार शुकुल आ रही थी। बस बाजार शुकुल पहुंची तो टिकट को लेकर कुछ सवारियों व बस के चालक, परिचालक के बीच विवाद हुआ। देखते ही देखते दोनों पक्षों में मारपीट हुई।
घटना पर हैदरगढ़ डिपो की बस के परिचालक महेंद्र प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि सुबेहा पहुंचने पर उसने यात्रियों की गिनती की तो एक यात्री गिनती में बढ़ रहा था। उससे टिकट मांगा तो वह दिखा नहीं पाया। इसी बात पर वाद-विवाद होने लगा।
विवाद होते-होते बस बाजार शुकुल पहुंच गई। यहां जब टिकट की बात की तो यात्री व उसके साथ चल रहे उसके कई रिश्तेदारों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। चालक बचाने पहुंचा तो उसका भी सिर फोड़ दिया। उसकी टिकट मशीन टूट गई। साढ़े सोलह हजार रुपए गायब हो गए। मारपीट कर आरोपी भाग निकले।
किराया लिया पांच का, टिकट दिया सिर्फ दो
दूसरे पक्ष से शुकुल बाजार इलाके के खेममऊ गांव निवासी सरजू प्रसाद ने आरोप है कि वह अपने पांच साथियों के साथ दिल्ली से आ रहा था। परिचालक ने किराया सभी का लिया, लेकिन टिकट सिर्फ दो के ही दिए। विरोध किया तो परिचालक ने उससे जाति पूछी। अनुसूचित जाति का होने के कारण परिचालक ने जाति सूचक गालियां देते हुए बस चालक के साथ मिलकर उन लोगों को जान से मारने की धमकी दी और लात-घूसों से मारापीटा। साथ ही उसकी सोने की चेन व छह हजार रुपए भी छीन लिए।
बाजार शुकुल एसओ तनुज पाल का कहना है कि दो पक्षों में विवाद हुआ है। दोनों पक्ष आपस में समझौते की बात कर रहे हैं। यदि तहरीर आती है तो मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।