कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन करते उर्वरक विक्रेता। -संगठन
अमेठी सिटी। यूरिया की आपूर्ति में कंपनियों की मनमानी से नाराज उर्वरक विक्रेताओं ने शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर डीएम को ज्ञापन सौंपा। आल इंडिया एग्रो इनपुट डीलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि उर्वरक निर्माता कंपनियां थोक विक्रेताओं को यूरिया 242 से 246 रुपये प्रति बोरी की दर से दे रही हैं, जबकि सरकारी मूल्य 266.50 रुपये तय है। लाभांश कम होने के कारण फुटकर विक्रेता आगे नहीं आ रहे हैं।
व्यापारियों ने बताया कि इसके अतिरिक्त कंपनियों की ओर से भाड़ा, लोडिंग-अनलोडिंग और जबरन टैगिंग के नाम पर भी अतिरिक्त राशि ली जा रही है। इससे थोक और फुटकर दोनों स्तरों पर लागत बढ़ गई है और व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। डीलरों ने मांग की कि थोक विक्रेताओं पर लागू टैगिंग की व्यवस्था तत्काल समाप्त की जाए। पुराने किराये की जगह मौजूदा परिवहन दरों के अनुसार भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
फुटकर विक्रेताओं के लिए अलग से लाभकारी क्रय मूल्य तय किया जाए, ताकि उन्हें राहत मिल सके। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष विजय शुक्ल ने चेतावनी दी कि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो जिलेभर में आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान संगठन से जुड़े राम किशोर त्रिवेदी, यतेंद्र तिवारी, राम किंकर तिवारी, अभय मौर्य, प्रमोद मौर्य सहित सभी 13 ब्लॉकों के पदाधिकारी व व्यापारी उपस्थित रहे।