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Amethi News: आपकी सुरक्षा और अधिकारों की संरक्षक है पुलिस

Sun, 29 Jun 2025 12:35 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
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गौरीगंज स्थित महिला थाने में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित दोस्त पुलिस कार्यक्रम में छात्र
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अमेठी सिटी। पुलिस आपकी सुरक्षा और अधिकारों की संरक्षक है। किसी भी आपात स्थिति में बेहिचक पुलिस से संपर्क करें, वह आपकी मदद के लिए हमेशा तैयार है। ये बातें शनिवार को महिला थाने में आयोजित दोस्त पुलिस कार्यक्रम में थाना प्रभारी कंचन सिंह ने छात्राओं से कहीं। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में जवाहर नवोदय विद्यालय गौरीगंज की 50 छात्राओं ने भाग लिया।
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इंस्पेक्टर कंचन सिंह ने छात्राओं को भरोसा दिलाया कि पुलिस अब डर या दबाव की नहीं, विश्वास की प्रतीक है। किसी भी संकट में छात्राएं 1091 या 100 नंबर पर कॉल कर मदद मांग सकती हैं। सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंचेगी। उन्होंने बताया कि महिलाएं बिना किसी सहयोग के अकेले आकर एफआईआर दर्ज करा सकती हैं। सिपाही रोशनी मिश्र ने महिला हिंसा, साइबर अपराध और आत्मरक्षा से जुड़े कानूनों की जानकारी दी। रिपोर्टिंग रूम में जाकर छात्राओं को दिखाया गया कि शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस कैसे कार्य करती है।


महिला प्रकोष्ठ प्रभारी निधि चतुर्वेदी ने बताया कि थाने का शिकायत प्रकोष्ठ 24 घंटे सक्रिय रहता है। कार्यक्रम में शिक्षिका निधि तिवारी और सहायिका दीपशिखा भी मौजूद रहीं। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने एफआईआर, डिजिटल अरेस्ट, महिला कानून, हेल्पलाइन नंबरों और पुलिस कार्यप्रणाली से जुड़े सवाल किए, जिनका अधिकारियों ने सरल जवाब दिया। छात्राओं ने इस संवाद को न सिर्फ जानकारी पूर्ण, बल्कि आत्मविश्वास बढ़ाने वाला अनुभव बताया।
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सीखा शिकायत दर्ज कराने का तरीका
दोस्त पुलिस अभियान के तहत छात्राओं को थाने के रिपोर्टिंग रूम का भ्रमण कराया गया। छात्राओं को दिखाया गया कि एफआईआर दर्ज करने से लेकर पुलिस किस तरह कार्रवाई करती है। कैसे बयान लिए जाते हैं और क्या दस्तावेज जरूरी होते हैं। छात्राओं ने थाने की कार्यशैली को नजदीक से देखा और जाना कि हर कदम कानून के तहत तय प्रक्रिया के अनुसार होता है। छात्राओं ने बताया कि अब उनका नजरिया पुलिस के प्रति बदला है। अब वे न सिर्फ खुद को, बल्कि दूसरों को भी सजग और जागरूक करेंगी। 1090, 112 और 1930 जैसे हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी उनके लिए बेहद लाभकारी रही।





छात्राओं ने किए सवाल
कार्यक्रम में छात्रा पारुल, मान्या पांडेय, प्रीत मिश्र, सान्वी मिश्र और अर्चिता ने पुलिस अधिकारियों से बेझिझक सवाल किए। सवाल एफआईआर की प्रक्रिया, डिजिटल अरेस्ट स्कैम, महिला अधिकारों, हेल्पलाइन नंबरों और पुलिस की जिम्मेदारी से जुड़े थे। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि एफआईआर हर पीड़ित का अधिकार है, जिसमें घटना से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी दर्ज होती है। डिजिटल अरेस्ट एक साइबर स्कैम है, जिससे सावधान रहने की जरूरत है। महिलाओं के लिए 1091, 1090, 1930 और 112 जैसे नंबर तत्काल मदद के लिए उपलब्ध हैं।
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