अमेठी सिटी। जिला अस्पताल में मंगलवार को महिला रोग विशेषज्ञ और रेडियोलॉजिस्ट का कक्ष बंद रहा, जिससे इलाज कराने आईं महिलाओं व अन्य मरीजों को बगैर जांच व इलाज के मायूस होकर लौटना पड़ा। गंभीर मरीजों को मजबूरी में इलाज व जांच के लिए निजी चिकित्सकों व सेंटरों का सहारा लेना पड़ा।
जिला अस्पताल में नियमित महिला रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। यहां पर डॉ. रुचिका सेठ और डॉ. पुलक यादव को तीन-तीन दिन के लिए संबद्ध किया गया था। बीते सप्ताह डॉ. पुलक यादव की संबद्धता को सीएमओ ने समाप्त करते हुए उन्हें सीएचसी जगदीशपुर में नियमित कर दिया है। ऐसे में मंगलवार, बुधवार और बृहस्पतिवार को महिला मरीजों को ओपीडी की सुविधा नहीं मिल पा रही है। इन तीन दिनों में प्रसव और सिजेरियन ऑपरेशन में भी दिक्कत आ रही है।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि वर्तमान में एक महिला चिकित्सक तीन दिन ओपीडी में अपनी सेवाएं दे रही हैं। उन्होंने कहा कि महिला रोग विशेषज्ञ की स्थायी तैनाती के लिए शासन को कई बार पत्र लिखा जा चुका है।
नहीं हुई अल्ट्रासाउंड जांच
जिला अस्पताल में मंगलवार को रेडियोलॉजिस्ट डॉ. सैयद मोहम्मद फैसल के अवकाश पर रहने के कारण जांच कराने आए मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ा। वहीं गंभीर मरीजों को 700 से एक हजार रुपये देकर बाहर जांच करानी पड़ी। चिकित्सक के आने पर यहां प्रतिदिन 50 से 60 मरीजों को अल्ट्रासाउंड जांच होती है। सीएमएस ने बताया कि रेडियोलॉजिस्ट अवकाश पर हैं।