संग्रामपुर के गोरखापुर समिति पर कतार में खड़े किसान। संवाद
अमेठी सिटी। खरीफ की फसल के लिए समय पर यूरिया की जरूरत के बीच जिले के किसान बृहस्पतिवार को भी खाद के लिए भटकते रहे। कहीं ई-पॉस मशीन का सर्वर धीमा पड़ गया तो कहीं समिति बंद रही। सुबह से कतार में लगे कई किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ा। कुछ को यूरिया मिल गई, जबकि कई किसान समय समाप्त होने तक इंतजार के बाद खाली हाथ घर लौट गए।
जिले की 76 साधन सहकारी समितियों, चार इफको केंद्रों और 31 इफको फ्रेंचाइजी पर सुबह से यूरिया का वितरण शुरू हुआ। गौरीगंज इफको केंद्र, मुंशीगंज की दरपीपुर, फूला और संग्रामपुर की गोरखापुर समिति सहित अधिकांश केंद्रों पर किसानों की लंबी कतारें लगी रहीं। दोपहर बाद ई-पॉस मशीनों का सर्वर धीमा पड़ने से वितरण की रफ्तार और कम हो गई। इससे किसानों की परेशानी बढ़ती चली गई।
भेंटुआ ब्लॉक की गैरिकपुर साधन सहकारी समिति बंद मिलने से किसानों को निजी दुकानों का सहारा लेना पड़ा। उसका गांव निवासी रामकुमार ने बताया कि समिति बंद होने के कारण उन्हें सुल्तानपुर के टिकरिया चौराहे स्थित निजी केंद्र से 450 रुपये प्रति बोरी की दर से यूरिया खरीदनी पड़ी। विशेषरगंज निवासी मुन्नू मिश्र ने बताया कि कई घंटे कतार में खड़े रहने के बाद उन्हें केवल दो बोरी यूरिया मिल सकी।
इफको केंद्र प्रभारी विनय कुमार श्रीवास्तव और माधोपुर समिति सचिव संजय द्विवेदी ने बताया कि सुबह सर्वर सामान्य रहा, लेकिन दोपहर बाद उसकी गति धीमी होने से वितरण प्रभावित हुआ। सहायक सहकारिता अधिकारी ने बताया कि जिन समितियों में यूरिया का स्टॉक कम हो रहा है, वहां बफर स्टॉक से आपूर्ति कराई जा रही है। विभाग ने पर्याप्त खाद उपलब्ध होने का दावा किया है, लेकिन केंद्रों पर धीमी वितरण व्यवस्था के कारण किसानों की मुश्किलें कम नहीं हो सकीं।