अमेठी सिटी। गौरीगंज के असुरा गांव निवासी किसान लालजी सिंह (50) ने सोमवार रात बनी रेलवे स्टेशन के पास इंटरसिटी एक्सप्रेस के आगे कूदकर जान दे दी।
पुलिस को शव के पास एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें लालजी ने बेटे-बहू और एक रिश्तेदार पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए आत्महत्या के लिए विवश किए जाने का जिक्र है।
हालांकि उनके पुत्र ने किसी भी तरह का सुसाइट नोट मिलने की बात बात से इंकार करते हुए पोस्टमार्टम के बाद अन्य परिजनों के साथ मिलकर हाईवे पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी की।
मृतक के पुत्र का कहना था कि सुसाइड नोट की बात झूठी है। उनके पिता की मौत संदिग्ध हालात में हुई है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। विरोध प्रदर्शन के कारण करीब आधा घंटे तक हाईवे पर आवागमन बाधित रहा। इंस्पेक्टर गौरीगंज श्याम नारायण पांडेय ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाते हुए मामला शांत कराया। जिसके बाद परिजन शव लेकर घर लौट गए।
लखनऊ-प्रतापगढ़ रेल ट्रैक पर मंगलवार रात वाराणसी से लखनऊ की ओर जा रही इंटरसिटी एक्सप्रेस के चालक ने बनी रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन के आगे एक व्यक्ति को कूदते देखा तो तुरंत स्टेशन मास्टर को सूचना दी। स्टेशन मास्टर के मेमो पर जीआरपी प्रतापगढ़ की टीम मौके पर पहुंची।
इसके पहले गौरीगंज पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंच गई और शव की शिनाख्त कराई। जीआरपी लालजी का शव लेकर प्रतापगढ़ चली गई। जीआरपी थाना प्रभारी सुमित कुमार ने बताया कि कोई लिखित तहरीर नहीं दी है। पूरे मामले की जांच की जा रही है।