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Amethi News: भूमि विवाद में किसान की हत्या, गांव में तनाव

Fri, 19 Jun 2026 12:23 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
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अमेठी के दलशाहपुर गांव में रोते-बिलखते मृतक के परिजन। स्रोत: ग्रामीण
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अमेठी सिटी। दलशाहपुर सैदपुर गांव में भूमि विवाद बुधवार रात खूनी संघर्ष में बदल गया। घर में घुसकर किए गए हमले में किसान रामफली पाल (65) गंभीर रूप से घायल हो गए। रायबरेली एम्स में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना में उनकी पत्नी अनारा पाल, पुत्र सुनील पाल, बहू किरन पाल और नाती अनिकेत भी घायल हुए हैं। पुलिस ने पांच नामजद समेत छह अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर दो आरोपियों को हिरासत में लिया है।
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मृतक के पुत्र एवं समाजवादी पार्टी के बूथ एजेंट सुनील पाल के अनुसार मकान के लिंटर निर्माण को लेकर गांव के कृष्ण कुमार सिंह उर्फ हरिवंश सिंह से विवाद चल रहा था। आरोप है कि बुधवार देर रात कृष्ण कुमार सिंह, मंजू सिंह, शीतला सिंह, अतुल सिंह, शिरोमणि सिंह समेत अन्य लोग लाठी-डंडा, सरिया, लोहे की रॉड और हॉकी लेकर उनके घर में घुस आए।


आरोपियों ने रामफली पाल पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। बीच-बचाव करने पहुंचे सुनील पाल, उनकी मां अनारा पाल, पत्नी किरन पाल और पुत्र अनिकेत भी हमले में चोटिल हो गए। शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर जुटने लगे तो आरोपी भाग हो गए। घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां से रामफली पाल को गंभीर हालत में रायबरेली एम्स रेफर कर दिया गया। वहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
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सूचना पर क्षेत्राधिकारी मनोज मिश्र, इंस्पेक्टर श्रीराम पांडेय और फील्ड यूनिट की टीम मौके पर पहुंची तथा घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि सुनील पाल की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया है।पोस्टमार्टम के बाद देर शाम शव गांव पहुंचा। परिजनों ने बेटों के आने के बाद अंतिम संस्कार करने की बात कही है।



पत्नी की चीख-पुकार सुन नम हो गईं आंखें
रामफली पाल की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा है। घायल पत्नी अनारा पाल बार-बार पति को याद कर बिलख पड़ती थीं। उन्हें रोता देख वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो जा रही थीं। नाती अनिकेत भी बाबा को याद कर भावुक हो रहा था, जबकि बहू किरन पाल गहरे सदमे में हैं। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। रिश्तेदार और ग्रामीण परिजनों को ढांढस बंधाने में जुटे रहे।
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