अमेठी सिटी। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का जीवन सदियों तक मानवता को धर्म, कर्तव्य और त्याग का संदेश देता रहेगा। प्रभु श्रीराम के पिता, माता और भाइयों के प्रति स्नेह की भावना लोगों के लिए आदर्श है। ये बातें गौरीगंज विधायक राकेश प्रताप सिंह के आवास पर श्रीराम कथा के तीसरे दिन शनिवार को कथावाचक शांतनु महाराज ने भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र की कथा सुनाते हुए कहीं।
प्रवाचक ने अहिल्या उद्धार, जनकपुरी प्रवेश और जानकी विवाह के प्रसंगों के माध्यम से बताया कि ईश्वर अपने भक्तों के उद्धार के लिए ही इस धरती पर अवतरित होते हैं। उन्होंने कहा कि जब मनुष्य सच्ची भक्ति करता है तो उसकी हर मनोकामना पूर्ण होती है। जीवन में गुरु का स्थान सर्वोपरि है, जैसे श्रीराम को मुनि वशिष्ठ और विश्वामित्र जैसे गुरुओं का सान्निध्य प्राप्त हुआ।
बताया कि भगवान श्रीराम के जन्म के समय देवताओं ने अयोध्या में फूलों की वर्षा की थी। कहा कि आज की शिक्षा व्यवस्था केवल ज्ञान दे रही है, मगर संस्कारों का अभाव है। नई पीढ़ी को संस्कारवान बनाना अत्यंत आवश्यक है, जिससे वे परिवार, समाज और राष्ट्र की मर्यादा समझ सकें।
अहिल्या उद्धार प्रसंग में उन्होंने बताया कि पाप को छिपाने के बजाय संतों के समक्ष स्वीकार करना ही मुक्ति का मार्ग है। कथा में विधायक अभय सिंह, एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष सुधांशु शुक्ला आदि उपस्थित रहे।