अमेठी सिटी। सीने में अचानक दर्द या दबाव को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। हार्ट अटैक में समय पर उपचार मिलने से जान बचने की संभावना बढ़ती है। अमेठी में इसके लिए आपात उपचार की सुविधा उपलब्ध है, मगर विशेषज्ञ डॉक्टर की कमी अब भी बनी हुई है।
18.68 लाख आबादी वाले जिले के जिला अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं है। हृदय रोगियों का इलाज फिजिशियन के भरोसे है। यूपी स्टेमी केयर के तहत हार्ट अटैक की स्थिति में ईसीजी से बीमारी की पहचान की जाती है। जरूरत पड़ने पर थक्का घोलने वाला इंजेक्शन लगाया जाता है। फिजिशियन डॉ. शुभम पांडेय ने बताया कि हार्ट अटैक में हृदय तक खून पहुंचाने वाली नस में अचानक रुकावट आती है। ऐसे में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है।
शुरुआती उपचार के बाद गंभीर मरीज को उच्च केंद्र भेजा जाता है। इस सुविधा के तहत अमेठी में अब तक दो मरीजों को समय पर उपचार देकर बचाया गया है। जिला अस्पताल में विशेषज्ञ नहीं होने से गंभीर मरीजों को आगे के उपचार के लिए दूसरे केंद्रों पर निर्भर रहना पड़ता है। आपात स्थिति में फिजिशियन जांच, ईसीजी और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर उपचार शुरू करते हैं। गंभीर स्थिति में मरीज को रेफर किया जाता है।
मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञ की ओपीडी
तिलोई स्थित स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में अप्रैल से कार्डियोलॉजी ओपीडी संचालित है। सप्ताह में दो दिन विशेषज्ञ मरीजों को देखते हैं। सीने में दर्द, उच्च रक्तचाप, धड़कन की अनियमितता, हृदयाघात समेत अन्य समस्याओं की जांच और परामर्श दिया जाता है। इससे मरीजों को विशेषज्ञ सलाह के लिए बाहर जाने की जरूरत कुछ कम हुई है।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि सीने में दबाव या जकड़न, हाथ या जबड़े तक पहुंचने वाला दर्द, सांस फूलना, अचानक पसीना आना, चक्कर और बेचैनी हार्ट अटैक के संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षण होने पर मरीज को तत्काल अस्पताल पहुंचाना चाहिए। दर्द को गैस या कमजोरी समझकर घर पर इंतजार करना जोखिम बढ़ा सकता है। इन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
बरतें ये सावधानी
सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि रक्तचाप और शुगर की नियमित जांच कराएं। धूम्रपान और तंबाकू से दूरी रखें। नमक और अत्यधिक वसा वाले भोजन का सेवन कम करें। नियमित शारीरिक गतिविधि करें और वजन नियंत्रित रखें। परिवार में हृदय रोग का इतिहास होने पर चिकित्सक की सलाह से जांच कराते रहें।