अमेठी सिटी। ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने के लिए शिक्षकों को समझाने के लिए संचालित अभियान भी जिले में फ्लाॅप साबित हुआ। बीएसए, बीईओ व जिला समन्यवक ने स्कूल पहुंच कर शिक्षकों को समझाया लेकिन कोई असर नहीं दिखा। शुक्रवार सुबह सिर्फ पांच शिक्षकों ने उपस्थिति दर्ज की। दूसरी पाली में एक भी शिक्षक ने ऑनलाइन उपस्थिति नहीं दर्ज कराई।
जिले में संचालित 1586 परिषदीय स्कूल में कार्यरत 5957 शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति व डाटा डिजिटाइजेशन को आठ जुलाई से अनिवार्य किया है। शिक्षक ऑनलाइन उपस्थिति का विरोध कर रहे हैं। बेसिक शिक्षा विभाग ने शुक्रवार से स्कूल पहुंच शिक्षकों को समझाते हुए ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करवाने का अभियान शुरू किया। पहले दिन बीएसए संजय कुमार तिवारी सकरावां, पहाड़पुर सहित कई स्कूल गए तो बीईओ व जिला समन्वयक भी अलग-अलग स्कूल पहुंचे। शिक्षकों को ऑनलाइन उपस्थित के फायदे बताए गए। पहली पाली में बहादुरपुर, भादर व जामों ब्लॉक में एक-एक, भेटुआ में दो शिक्षकों ने ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की। लेकिन दूसरी पाली में इन शिक्षकों ने ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं की।
बीएसए ने बताया कि शिक्षकाें को समझाते हुए ऑनलाइन उपस्थिति को प्रभावी करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
जिद पर अड़े रहे शिक्षक
इन्हौना (अमेठी)। ब्लॉक संसाधन केंद्र सिंहपुर के सभागार में शुक्रवार को बीईओ हरिओम तिवारी ने परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों और शिक्षिकाओं के साथ बैठक कर ऑनलाइन हाजिरी के फायदे के बारे में बताया। शिक्षक अपनी जिद पर अड़े रहे।
राष्टीय शैक्षिक महासंघ के अध्यक्ष सत्येंद्र कुमार तिवारी, प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष आशुतोष शुक्ला, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के साथ महिला संगठन ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होगी वे ऑनलाइन हाजिरी का बहिष्कार करते रहेंगे। बीईओ को ज्ञापन दिया। इस मौके पर दिलीप कुमार शुक्ला, ओंकार पांडेय, अनुज शुक्ला, उबैद अहमद, मुकेश कुमार, राशिद खान, रविकांत श्रीवास्तव, प्रमोद कुमार शुक्ला, विकल्प श्रीवास्तव, आशीष गुप्ता, चंदन, बद्री यादव, दीपिका अवस्थी, मोनिका सिंह, सरिता शुक्ला सहित अन्य लोग मौजूद रहे।