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Amethi News: 14 वर्ष बाद भी आसान नहीं हुई जिला मुख्यालय गौरीगंज की राह

Mon, 25 Nov 2024 05:37 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
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बाजारशुकुल (अमेठी)। जिले के सृजन के 14 वर्ष बाद भी बाजारशुकुल के लोगों की जिला मुख्यालय की राह आसान नहीं हो सकी। ब्लॉक क्षेत्र के अधिकांश गांवों के लोगों को जिला मुख्यालय जाने के लिए परिवहन निगम की सेवाएं मुहैया नहीं हैं।
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अमेठी जिले में शामिल होने से पहले बाजारशुकुल ब्लॉक सुल्तानपुर जिले का हिस्सा था। तब जिला मुख्यालय सुल्तानपुर तक जाने के लिए परिवहन निगम की बसों के अलावा भी पर्याप्त साधन थे। एक जुलाई 2010 को अमेठी जिले के गठन के बाद बाजारशुकुल ब्लॉक को अमेठी का हिस्सा बना दिया गया। अमेठी जिले में शामिल होने के बाद लोगों को लगा कि जल्द ही व्यवस्थाएं दुरुस्त होंगी। वे जिस तरह सुल्तानपुर पहुंच पाते थे, वैसे ही अमेठी के जिला मुख्यालय गौरीगंज की यात्रा भी सुगम हो जाएगी।

हालांकि, यह उम्मीद आज तक साकार नहीं हो सकी। ब्लॉक मुख्यालय बाजारशुकुल से गौरीगंज को न कोई परिवहन निगम की सेवा है और न ही टैक्सियां चलती हैं। ऐसे में लोगों को जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए तमाम परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। जिनके पास निजी साधन नहीं हैं, उनके लिए जिला मुख्यालय का सफर बेहद कष्टदायी है।
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भूमि आवंटन तक सीमित बस अड्डा निर्माण
क्षेत्र के लोग जिले के सबसे दूरस्थ विकास खंड के होने के कारण अयोध्या व बाराबंकी की सीमा से जुड़े बाजार शुकुल में बस अड्डा बनवाएं जाने की मांग कर रहे थे। किंतु विभागीय अधिकारी व जनप्रतिनिधि जमीन न होने की बात कह कर टाल देते थे। बस अड्डे के लिए कस्बे में जमीन भी राजस्व विभाग ने सुरक्षित कर दी है। उसके बाद भी बस अड्डा नहीं बन सका।



क्षेत्रवासियों का दर्द
मवैया रहमतगढ ग्राम पंचायत के राज कुमार शुक्ला ने बताया कि गौरीगंज पहुंचना है तो निजी साधन ही एकमात्र विकल्प है। अंदीपुर गांव के विजय शुक्ला ने बताया कि आम आदमी जिला मुख्यालय तक पहुंच नहीं पाता। समाज सेवी वीर सिंह ने कहा कि यदि बाजारशुकुल से जगदीशपुर और जगदीशपुर से साधन बदलकर वाया जामो कोई जाना चाहें तो वहां भी टेंपो का सहारा लेना पड़ता है। इससे लोग समय पर गौरीगंज नहीं पहुंच पाते। मवैया निवासी विपिन वैश्य ने बताया कि शासन-प्रशासन को यहां से परिवहन निगम की सेवा शुरू करनी चाहिए। यहां से तहसील मुसाफिरखाना होते हुए बस चलाई जाए तो लोगों का तहसील से लेकर जिला मुख्यालय तक जुड़ाव आसानी से हो सकता है।
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