मुसाफिरखाना। कबाड़ कारोबारी के अपहरण और फिरौती वसूली प्रकरण में वांछित 50 हजार रुपये का इनामी बदमाश मो. इस्लाम उर्फ मच्छर बुधवार रात पुलिस के हत्थे चढ़ गया। इसौली मोड़ के पास मुठभेड़ के दौरान उसके पैर में गोली लगी। पुलिस ने उसे पकड़कर सीएचसी में भर्ती कराया, जहां उपचार के बाद जेल भेज दिया गया।
अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि मुसाफिरखाना के भीखीपुर निवासी कबाड़ कारोबारी रमन कुमार उर्फ बबलू अग्रहरि का 10 फरवरी को लखनऊ-वाराणसी हाईवे से अपहरण कर लिया गया था। बदमाशों ने कारोबारी से फिरौती वसूली थी। इस मामले में गोंडा के कोतवाली नगर की कांशीराम कॉलोनी निवासी मो. इस्लाम की भी भूमिका सामने आई थी। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
बुधवार रात इंस्पेक्टर विवेक सिंह ने टीम के साथ इसौली मोड़ पर उसे रोकने का प्रयास किया तो उसने भागने की कोशिश की, जिससे मुठभेड़ हो गई। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लग गई और पुलिस ने उसे दबोच लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि अपहरण के बाद मिली रकम सभी आरोपियों में बांटी गई थी। उसके हिस्से में करीब 1.60 लाख रुपये आए थे। वह 60 हजार रुपये लेकर मुंबई चला गया था और शेष रकम लेने के लिए वापस आया था। रकम लेकर लखनऊ जाने की तैयारी में था।
मुठभेड़ की कहानी चर्चा में
पुलिस के अनुसार इस्लाम अपने हिस्से का पैसा लेने मुसाफिरखाना आया था। रकम मिलने के बाद वह लखनऊ जाने की तैयारी में था, तभी पुलिस टीम से सामना हो गया और मुठभेड़ हो गई। अलग-अलग जिलों से जुड़े लोगों के बीच पैसों के लेनदेन की यह कड़ी क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गोंडा का व्यक्ति बस्ती के आदमी से पैसा लेने मुसाफिरखाना क्यों आया, इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं।
10 फरवरी को हुआ था अपहरण
कबाड़ कारोबारी रमन कुमार उर्फ बबलू अग्रहरि का 10 फरवरी को दिनदहाड़े अपहरण कर लिया गया था। इस मामले में अनुज प्रताप सिंह, घनश्याम पांडेय, सौरभ पांडेय, रामकुमार यादव, महेश सिंह और शुभम यादव समेत कई लोगों के नाम सामने आए थे। पुलिस कुछ आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।