राजाफत्तेपुर स्थित बाबा परमहंस मैदान में चल रही श्रीराम कथा में मौजूद श्रद्धालु। स्रोत : आयोज
राजाफत्तेपुर। बाबा परमहंस मैदान में चल रही श्रीराम कथा के छठे दिन प्रवाचक आनंद कृष्ण ने भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रेरणादायक प्रसंग सुनाए। उन्होंने कहा कि मनुष्य के जीवन की वास्तविक सार्थकता उसके अच्छे कर्म, सदाचार और व्यवहार में होती है। परिस्थितियां कैसी भी हों, व्यक्ति को सत्य और धर्म के मार्ग से विचलित नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन त्याग, मर्यादा, संयम और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता है। उन्होंने अपने जीवन में अनेक कठिन परिस्थितियों का सामना किया, लेकिन कभी अपने सिद्धांतों और मर्यादा का त्याग नहीं किया। इसी कारण श्रीराम का चरित्र आज भी समाज के लिए आदर्श बना हुआ है। प्रवाचक ने कहा कि मनुष्य को भी अपने आचरण में विनम्रता रखते हुए माता-पिता, गुरु, बुजुर्गों और जरूरतमंदों का सम्मान करना चाहिए। अच्छे विचार और अच्छे कर्म ही व्यक्ति को समाज में सम्मान दिलाते हैं।
कथा के दौरान प्रवाचक ने श्रद्धालुओं से श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। कथा सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। इस दौरान यजमान धर्मेंद्र त्रिवेदी, सचिन मिश्र, आलोक त्रिवेदी, अमन मिश्र, रिक्की तिवारी और अनुराग मिश्र आदि मौजूद रहे।