अमेठी सिटी। जिले में एक-दो नहीं बल्कि पांच औद्योगिक क्षेत्र हैं। यहां उद्यम के विकास की पर्याप्त संभावनाएं हैं। इसी के चलते बड़ी-बड़ी कंपनियां यहां निवेश कर रही हैं। ऐसे में यहां सरदार वल्लभ भाई पटेल इंप्लायमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन खुलने की संभावना ज्यादा है, जिसके लिए प्रदेश सरकार ने बजट में 575 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। अगर यहां इंडस्ट्रियल जोन स्थापित होता है तो युवाओं की उम्मीदों को पंख लग जाएंगे।
जिलों में मुख्य मार्ग के किनारे 50 से 100 एकड़ में इंप्लायमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन बनाए जाने हैं। इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन, एक जिला एक उत्पाद और एमएसएमई को बढ़ावा देना। इसमें औद्योगिक इकाइयां, कॉमन फैसिलिटी सेंटर, टेस्टिंग सेंटर, टूल रूम और बैंकिंग सुविधाएं होंगी। इसी जोन में कौशल विकास का प्रशिक्षण, काॅमन फैसिलिटी सेंटर, टेस्टिंग लैब, इंडस्ट्रीज बनाई जाएंगी ताकि अप्रेंटिस और रोजगार मिल सके। जिला उद्योग, सेवायोजन कार्यालय और कौशल विकास का केंद्र का कार्यालय भी यहीं पर होगा, जिससे युवाओं को योजनाओं को जानकारी और लाभ लेने के लिए इधर-उधर न भटकना पड़े।
जिले में पांच इंडस्ट्रियल एरिया
जगदीशपुर, गौरीगंज के टिकरिया और कौहार, भादर के त्रिसुंडी, कमरौली के उतेलवा में औद्योगिक क्षेत्र स्थापित हैं। यहां बीएचईएल और एचएएल के अलावा कोका-कोला, एसीसी सीमेंट, कमोडिया सीमेंट, आईपीएल खाद फैक्टरी, रेल नीर सहित कई नामचीन कंपनियों ने फैक्टरी लगाई हैं। उपायुक्त उद्योग दिनेश कुमार चौरसिया ने बताया कि अमेठी में उद्यम स्थापना के लिए माहौल अनुकूल है। यहां इंप्लायमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन स्थापित होता है तो युवाओं को रोजगार मिलने में सहूलियत होगी।