अमेठी सिटी। उमस भरी गर्मी के बीच बिजली आपूर्ति का रोस्टर पूरी तरह बेपटरी है। जिला मुख्यालय, तहसीलों और ग्रामीण इलाकों में लो वोल्टेज, ट्रिपिंग और बार-बार कटौती से लोग परेशान हैं। ऊर्जा निगम जहां शहरी क्षेत्र में 24 घंटे और ग्रामीण क्षेत्र में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा करता है, वहीं जमीनी हकीकत इसके ठीक उलट नजर आ रही है।
जिला मुख्यालय अमेठी में ही चार से पांच घंटे की बिजली कटौती हो रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि लो वोल्टेज के चलते न तो पंखे और कूलर ठीक से चलते हैं, न ही एसी और सबमर्सिबल पंप। गर्मी में लोग रात भर करवटें बदलने को मजबूर हैं। तहसील और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और खराब है, जहां कभी-कभी सिर्फ 10 से 12 घंटे ही बिजली मिल पा रही है।
पीठीपुर, बेनीपुर और बड़गांव उपकेंद्र से जुड़े गांवों में बिजली की आवाजाही लगातार बनी रही। मनीष सिंह, वेद प्रकाश मिश्र, रामकुमार अग्रहरि सहित कई उपभोक्ताओं ने बताया कि अब कोई तय शेड्यूल नहीं रह गया है। रात में अचानक बिजली चले जाने से नींद पूरी नहीं हो पा रही है। बच्चों और बुजुर्गों की तबीयत पर भी असर पड़ने लगा है।
एक्सईएन सोमिल सिन्हा ने बताया कि रोस्टर के अनुसार बिजली आपूर्ति की जा रही है। ओवरलोड या फाॅल्ट आने पर आपूर्ति बाधित होती है। फाल्ट ठीक होते ही आपूर्ति बहाल कर दी जाती है।