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Amethi News: अहंकार से व्यक्ति का हो जाता है पतन

Tue, 25 Mar 2025 12:22 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
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इन्हौना (अमेठी)। तिलोई ब्लॉक क्षेत्र के सेमरौता कस्बे में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में प्रवाचक आचार्य कमलेश मिश्र ने बताया कि भगवान का मुख्य भोजन अहंकार होता है। अहंकार की परिभाषा बताते हुए कहा कि अहंकार शब्द बना है अहं से, जिसका अर्थ है मैं। जब व्यक्ति में यह भावना आ जाती है कि जो हूं सो मैं, मुझसे बड़ा कोई दूसरा नहीं, तभी व्यक्ति का पतन शुरू हो जाता है।
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प्रवाचक ने कहा कि द्वापर युग में सहस्रबाहु नाम का राजा हुआ। इसे बल का इतना अभिमान हो गया कि भगवान शिव से ही युद्ध करने पहुंच गया। भगवान शिव ने सहस्रबाहु से कह दिया कि तुम्हारा पतन नजदीक आ गया है। परिणाम यह हुआ कि भगवान श्रीकृष्ण से एक युद्ध में सहस्रबाहु को पराजित होना पड़ा।


प्रवाचक ने कहा कि रावण विद्वान होने के साथ ही महा पराक्रमी था। उसे अपने बल और मायावी विद्या का अहंकार हो गया और उसने सीता का हरण कर लिया। इसका फल रावण को यह मिला कि उसका वंश सहित सर्वनाश हो गया। अंत काल में उसका सिर भगवान राम के चरणों में पड़ा था। इस दौरान यजमान सतीश मिश्र, रजनीश, राजन मिश्र, लालजी, महेश मिश्र, राजेश, मनीष, दयानंद मिश्र, परमानंद आदि मौजूद रहे।
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