अमेठी। कोटे की दुकान से खरीदी गई चीनी खाने से एक ही परिवार की एक महिला व दो बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिवारीजन सभी को लेकर अस्पताल पहुंचे जहां उनका इलाज चल रहा है।
मामले की सूचना पर हड़कंप में आए प्रशासनिक अमले के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा व आपूर्ति विभाग की टीम ने सभी बीमारों का बयान दर्ज करने के बाद चीनी का सैंपल एकत्र कर जांच के लिए भेजा है।
संग्रामपुर के गांव भिच्छू का पुरवा निवासी जमुना प्रसाद बृहस्पतिवार को कोटेदार के यहां राशन लेने गए। वहां से वे चीनी व चना लेकर घर पहुंचे। घर में मौजूद पत्नी निर्मला देवी (38), पुत्र गोपाल (10) व दूसरा पुत्र सूरज (8) ने चीनी खा ली। चीनी खाने के कुछ देर बाद पेट में दर्द शुरू हो गया।
दर्द का देशी उपचार करने के बाद भी उन्हें फायदा नहीं हुआ। कुछ देर बाद ही सभी को उल्टी-दस्त शुरू हो गया। देर रात सभी को बुखार भी हो गया। सुबह होते ही जमुना सभी को टीकरमाफी स्थित एक निजी चिकित्सक के पास ले गए। चिकित्सक ने सभी की हालत गंभीर देख इलाज करने से मना करते हुए हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी।
जमुना सभी को लेकर सीएचसी अमेठी पहुंचे जहां चिकित्सकों ने भर्ती कर उनका इलाज शुरू किया। मामला सार्वजनिक होते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।
अफसरों के निर्देश पर मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी निर्भय नारायण, खाद्य सुरक्षा अधिकारी सिद्धार्थ, रोशन तथा आपूर्ति निरीक्षक योगेश वर्मा अस्पताल पहुंचे और सभी का बयान दर्ज किया। बयान दर्ज करने के बाद अफसर वितरित हुई चीनी की सैंपलिंग करने के लिए कोटेदार व पीड़ित परिवार के घर गए।
जांच करने पहुंचे मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी निर्भय नारायण तथा डीएसओ संजय कुमार ने बताया कि धोएं के साथ ही करनाईपुर कोटेदार के यहां पहुंचकर चीनी का सैंपल लिया गया।
गांव के कई कार्डधारकों से चीनी ले जाने के बाद उसका सेवन करने तथा उसके खाने से किसी प्रकार की समस्या के बारे में पूछताछ की गई। मौके पर कई ग्रामीणों तथा टीम सदस्यों ने कोटे की चीनी भी खाई। करीब एक घंटे तक मौके पर मौजूद रहकर चीनी खाने वालों में से किसी की भी तबीयत खराब न होने के बाद अफसर वापस आए। एहतियातन सैंपल जांच के लिए भेज गया है।