अमेठी। केंद्र सरकार की ओर से संचालित भू-स्वामित्व योजना के तहत स्थानीय तहसील के दो गांवों का चयन किया गया है। भारत सरकार से आई टीम चयनित गांवों में आबादी में बने घरों का ड्रोन से सर्वे करेगी। सर्वे पूरा होने के बाद मकान स्वामियों को स्वामित्व प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।
आबादी में बने मकानों को लेकर आए दिन होने वाले विवादों को हमेशा के लिए समाप्त करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने भू-स्वामित्व योजना शुरू की है। योजना के तहत लोगों को खतौनी की तरह घरौनी की नकल मिल सकेगी। भू-स्वामित्व योजना के पायलट प्रोजेक्ट के तहत स्थानीय तहसील क्षेत्र स्थित गांव ताला और ज्ञानचंद्रपुर का चयन किया गया है।
चयनित दोनों गांव में केंद्र सरकार की ओर से आई टीम द्वारा घरौनी के सर्वे का कार्य ड्रोन कैमरे से किया जाएगा। इसी को लेकर मंगलवार को नायब तहसीलदार श्रीश मिश्र ने सर्किल कानूनगो, लेखपाल, पंचायत सचिव, ग्राम प्रधान एवं अन्य ग्रामीणों के साथ बैठक कर भू-स्वामित्व योजना और घरौनी के सर्वे की विस्तार से जानकारी दी।
तहसीलदार पल्लवी सिंह ने बताया कि भू-स्वामित्व योजना के तहत चयनित गांव ताला और ज्ञानचंद्रपुर में केंद्र सरकार की ओर से आई टीम 23 और 24 जुलाई को ड्रोन कैमरे से सर्वे का कार्य करेगी। कहा कि अभी सिर्फ तहसील में दो गांव चयनित हैं। बाद में अन्य गांवों का चयन कर सभी को इस योजना का लाभ दिया जाएगा।