ताला स्थित सीवान में कटी धान की फसल। -संवाद
अमेठी सिटी। मौसम में बदलाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। सोमवार सुबह अचानक बादल छा गए और बूंदाबांदी शुरू हो गई। धान कटाई के समय बारिश के आसार बनने से किसानों काे खेत में कटी धान की फसल के भीगने का डर सताने लगा है। मौसम विशेषज्ञों ने बूंदाबांदी संग हल्की बारिश व बादल छाए रहने की संभावना जताई है।
इस समय आलू, मटर, चना, सरसों, अलसी आदि फसलों की बोआई हो रही है। वहीं, किसानों ने अगेती पककर तैयार धान की फसलों की कटाई शुरू कर दी है। कुछ किसान पुआल सहेजने के लिए मजदूर लगाकर हाथ से धान की फसलों की कटाई करा रहे हैं। वहीं कुछ किसान कंबाइन मशीन से धान की कटाई करा रहे हैं।
सुबह करीब छह बजे मौसम ने अचानक करवट बदली। बादल छाने संग बूंदाबांदी शुरू हो गई, जो रुक-रुककर सुबह 10 बजे तक होती रही। किसान वेद प्रकाश मिश्र ने बताया कि मजदूर लगाकर धान की कटाई करा रहे हैं। करीब तीन बीघा धान की फसल कटकर खेत में पड़ी है। अगर तेज बारिश हुई तो उपज घर आने के बजाय खेत में ही नष्ट हो जाएगी।
किसान ज्ञान प्रकाश ने बताया कि छह बीघा धान की फसल पककर तैयार है। मजदूर लगाकर ढाई बीघा धान की फसल कटवाई है। बूंदाबांदी होने से चिंता बढ़ गई है। कमला प्रसाद ने बताया कि कंबाइन मशीन से पांच बीघा धान की फसल कटवाई है। अभी उसे सूखने के लिए धूप चाहिए। अगर बारिश हुई तो धान खराब हो जाएगा। किसान कृपाशंकर ने बताया कि दो बीघा मटर, सरसों की बोआई शनिवार को कराई है। ज्यादा पानी बरसा तो बोई फसल खराब होने की आशंका है। किसान दीपक शुक्ल, कप्तान मिश्र ने बताया कि एक-एक बीघा आलू की फसल रविवार को बोई है। अगर तेज बारिश हुई तो आलू की फसल खराब होने से 20 हजार रुपये का नुकसान होगा।
हल्की बारिश व बूंदाबांदी की संभावना
सोमवार को अधिकतम तापमान 27 और न्यूनतम 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा करीब एक किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली। मौसम विशेषज्ञ प्रोफेसर अमरनाथ मिश्र ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते बदलाव आया है। आगामी 24 घंटे में बूंदाबांदी संग हल्की बारिश होने की संभावना है। हवा सामान्य व तेज चलने और औसतन तापमान सामान्य रहने की संभावना है।