अमेठी बस स्टाप पर प्रदर्शन करते परिवहन निगम बसों के चालक। स्रोत: स्थानीय नागरिक
अमेठी। रोडवेज डिपो में शुक्रवार सुबह डीजल रिकवरी को लेकर चालकों का विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। नाराज चालकों ने फोरमैन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के कारण करीब दो घंटे तक बसों का संचालन प्रभावित रहा और कई बसें डिपो में खड़ी रहीं। इससे लखनऊ, सुल्तानपुर, प्रयागराज सहित विभिन्न रूटों के यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। बाद में डिपो प्रशासन से वार्ता के बाद चालक अपने-अपने निर्धारित रूटों पर रवाना हुए।
चालकों का कहना था कि डीजल औसत (माइलेज) को लेकर उन पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। उनका आरोप है कि जाम, डायवर्जन, खराब सड़क, टायर पंचर और अन्य परिस्थितियां चालक के नियंत्रण में नहीं होतीं, फिर भी निर्धारित औसत पूरा न होने पर एक-दो लीटर डीजल की रिकवरी कर वेतन से कटौती की जाती है। चालक शमशाद अली, रंगीलाल, शिव कुमार और राजेंद्र ने कहा कि लगातार हो रही रिकवरी से आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
यात्री रामनरेश यादव ने बताया कि लखनऊ जाने के लिए काफी देर तक बस नहीं मिली। मनोज पांडेय ने कहा कि सुल्तानपुर जाने में देरी हुई। अजय मिश्र ने बताया कि प्रयागराज जाने की योजना प्रभावित हुई, जबकि विनोद तिवारी ने कहा कि बसें बंद रहने से उनकी यात्रा बाधित हो गई। डिपो इंचार्ज आरके वर्मा ने बताया कि चालकों से वार्ता कर बस संचालन बहाल करा दिया गया है। उनकी समस्याओं से उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।