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Amethi News: ड्रेनें उफनाईं, आठ हजार बीघा फसल डूबी

Fri, 15 Aug 2025 12:55 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
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फुरसतगंज में ड्रेन उफनाने से डूबी फसल।-संवाद
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तिलोई/फुरसतगंज (अमेठी)। छह ड्रेनों के उफनाने से पांच हजार किसानों की फसल पानी में डूब गई है। ड्रेनों की सफाई न होना इसका कारण बताया जा रहा है। ड्रेनों के उफनाने से खेत व खलिहान झील बन चुके हैं और फसल बर्बाद होने की कगार पर है। एक या दो नहीं, करीब आठ हजार बीघे फसल डूबी हुई है। पानी से बर्बाद हो रही फसल का आकलन कराने में प्रशासनिक अमला जुटा है।
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बारिश की परेशानी से बचाने में अब तक इन्हौना, गुमिया, हंसवा, अड़वारा, अबदहा और मूंगताल ड्रेन मददगार रहीं। लगभग 50 हजार किसानों के खेतों का पानी इन्हीं ड्रेन में जाता रहा है। ड्रेन की सफाई न होने से यही ड्रेन अब किसानों के लिए मुसीबत बन गई है। हालात ये हैं कि बारिश के पानी की निकासी में मददगार बनीं ड्रेनों का बहाव उल्टा हो गया है। ड्रेन का पानी आने से खेत-खलिहान झील बन चुके हैं।


खेत पानी में डूबे हैं और फसलें बर्बाद हो रही हैं। सबसे बड़ी ड्रेन मूंगताल जो महराजगंज तहसील के सिकंदरपुर होते हुए जनई, देवतरा, डोमापुर, उड़वा, फरीदपुर परवर से बहादुरपुर विकास खंड के मवई आलम से प्रतापगढ़ जिले की ओर निकलती है, वह पानी से लबालब है। यही हाल अन्य ड्रेनों का भी है। सफाई न होने से ड्रेनों की जलनिकासी पूरी तरह से बंद हो चुकी है। खेत-खलिहान में पानी का स्तर बढ़ता ही जा रहा है।
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इन्हौना, पन्हौना, तिलोई, सिंहपुर सेमरौता, शकरगंज, उडवा, अलाईपुर, हंसवा, नसरतपुर सहित 149 गांवों में खेत अब भी पानी से लबालब है। मूंगताल ड्रेन के उफनाने से मुबारकपुर मुखेतीया, मवई आलमपुर, खरौली, मोहना व सराय महेशा के 1500 किसानों की 2500 बीघा फसल डूबकर बर्बाद हो रही है। एसडीएम तिलोई अमित सिंह ने बताया ड्रेन से प्रभावित क्षेत्र में राजस्व लेखपालों को स्थिति का आंकलन करने का निर्देश दिया गया है। रिपोर्ट के पश्चात शासन से पीड़ितों को राहत दिलाई जाएगी। किसानों की बर्बाद हुई फसल के बदले उन्हें बीमा का लाभ भी दिलाया जाएगा।






किसान बोले, मेहनत के साथ डूब गई पूंजी
किसानों ने बताया कि इस वर्ष बारिश देरी से हुई और नहरों में पानी नहीं आया। निजी नलकूप के सहारे धान की नर्सरी तैयार कर रोपाई भी कराई। मेहनत और मोटी पूंजी लगाकर तैयार की गई फसल पानी में डूबी हुई है। तिलोई के किसान रामशंकर, रामखेलावन, परीक्षित श्रीवास्तव, बृजेश कुमार सिंह, दिग्विजय सिंह, सुनील सिंह ने बताया कि किसानों की समस्या कोई सुनने वाला नहीं हैं। ड्रेन की सफाई विभागीय अधिकारी नहीं कराते हैं। सफाई कराई गई होती तो फसल को नुकसान न होता। फुरसतगंज के मुबारकपुर मुखेतिया के किसान धनंजय सिंह ने बताया कि 40 बीघा जमीन जलमग्न है। नाले की सफाई लगभग 10 साल से नहीं हुईं, जिसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। रमाकांत द्विवेदी ने बताया कि उनकी 10 बीघा फसल जलमग्न है। साधुलाल प्रजापिता ने बताया कि तीन बीघा फसल पानी में डूबी है। राजस्व निरीक्षक दिनेश प्रकाश तिवारी ने बताया कि जलमग्न हुए खेतों की जांच कराई जा रही है।
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