अमेठी सिटी। ग्राम पंचायतों में कचरा एकत्र करने के लिए ई-रिक्शा खरीद में अनियमितता का आरोप है। जांच की जिम्मेदारी डीपीआरओ को दी गई है। इस मामले में कई छुटभैया जिला प्रशासन के बड़े अधिकारियों का नाम लेकर दुकान चला रहे हैं। सीडीओ के निर्देश पर कम गुणवत्ता वाले ई-रिक्शा पाट्र्स की जांच होगी।
जिले की सभी ग्राम पंचायतों में कचरा एकत्र करने व परिवहन के लिए ई-रिक्शा की खरीद की जानी है। अभी तक कुल 119 ग्राम पंचायतों में ई-रिक्शा की खरीद कर ली गई है। ई-रिक्शा खरीद के लिए अधिकतम धनराशि 1.65 लाख रुपये तय की गई है। ग्राम पंचायतों में खरीदे गए ई-रिक्शे में कमीशनखोरी का आरोप है। कहा गया है कि बाहर से कम गुणवत्ता वाले सामान मंगाकर ई-रिक्शा को असेंबल कर लिया गया।
ई-रिक्शा एक लाख से भी कम कीमत में तैयार हो गया है। बड़े अधिकारियों का भय दिखाकर विभाग से पूरे एक लाख 65 हजार रुपये का भुगतान कराया जा रहा है। प्रकरण सामने आने के बाद सीडीओ सूरज पटेल ने सख्ती दिखाते हुए डीपीआरओ से कमेटी गठित कर मामले की जांच कर आख्या देने को कहा है।
ई-रिक्शा के हर पार्ट की होगी जांच
ग्राम पंचायतों में खरीदे गए ई-रिक्शा को कचरा ढोने में प्रयोग करना है। ऐसे में इनकी मजबूती आवश्यक है। घटिया गुणवत्ता के पार्टस की जांच की जाएगी। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई होगी।
-मनोज कुमार त्यागी, डीपीआरओ, अमेठी।