गौरीगंज तहसील सभागार में सुनवाई करती राज्य महिला आयोग सदस्य डॉ. प्रियंका मौर्य। स्रोत- सूचना व
अमेठी सिटी। राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. प्रियंका मौर्य बुधवार को जिला मुख्यालय गौरीगंज के तहसील सभागार में मौजूद रहीं, जहां उन्होंने पीड़ित महिलाओं से बात कर जनसुनवाई की। इस दौरान घरेलू हिंसा, मारपीट, तीन तलाक की धमकी आदि से जुड़े कई मामले सामने आए। वहीं शिक्षा विभाग की ओर से निलंबित शिक्षिका ने भी अपना पक्ष रखते मामले की जांच की मांग की। महिलाओं से संबंधित विभागों के अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति जानी। इसी के साथ उन्होंने घरेलू हिंसा के कारणों के बारे में मीडिया से भी बात कही।
डॉ. प्रियंका मौर्य ने कहा कि सोशल मीडिया में एक-दूसरे से वार्ता आसान हो गई है, जिससे महिला व पुरुष एक-दूसरे के संपर्क में आ रहे हैं, इसकी वजह से घरेलू हिंसा के मामले हो रहे हैं, क्योंकि लोगों के संबंध एक से ज्यादा व्यक्ति से हो रहे हैं। महिलाओं को अपने लक्ष्य की तरफ भी ध्यान देना आवश्यक है, जिससे वह अपने बारे में सोच सकें और घरेलू हिंसा से बाहर निकल सकें।
उन्होंने कहा कि विवाहेत्तर संबंध के मामले अब ज्यादा आ रहे हैं, इससे संबंधित बहुत सी धाराएं कानून में मौजूद हैं। दोनों पक्षों को सुनने के बाद ही निर्णय लिया जा रहा है। जनसुनवाई के दौरान एडीएम अर्पित गुप्ता, एसडीएम प्रीति तिवारी, सीओ अखिलेश वर्मा, सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह, बीएसए संजय तिवारी, डीपीआरओ मनोज कुमार त्यागी, महिला कल्याण अधिकारी अनिल मौर्य, नलिन राज राहुल सिंह, नरेंद्र पांडेय, प्रभात कुमार, विपिन सिंह आदि मौजूद रहे।