अमेठी सिटी। जिला अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर दावे बड़े हैं, लेकिन सिस्टम लचर है। ओपीडी में जुटने वाली मरीजों की बेतहाशा भीड़ शायद अस्पताल की बेपटरी अव्यवस्था का ही नतीजा है कि यहां परेशान मरीज पर्चा हाथ में थाम कर सुबह ही पहुंच जाते हैं। लेकिन डॉक्टर साहब...तय समय पर आते ही नहीं। ऐसे हालात में मरीजों की भीड़ जुट जाती है और लंबी कतारें लगने लगती हैं। सच्चाई जानने के लिए मंगलवार को सुबह इसकी पड़ताल की गई तो तय समय पर चंद चिकित्सक ही पहुंचे थे। ओपीडी के ज्यादातर कक्ष खुले थे, लेकिन चिकित्सक नदारद थे। मरीज बाहर उनका इंतजार कर रहे थे।
कमरा खुला था, मगर डॉक्टर नहीं
सुबह ठीक 8:59 बजे कमरा नंबर आठ खुला था। बाहर मरीज बैठे थे, लेकिन फिजीशियन डॉक्टर पीके पांडेय नदारद थे। मरीजों ने बताया कि पर्चा बनवा कर यहां दिखाने आए थे, लेकिन अभी तक चिकित्सक नहीं आए हैं। यहां मरीजों की संख्या बढ़ रही थी, लेकिन तय समय के करीब एक घंटे तक चिकित्सक नहीं पहुंचे थे। डॉ. पीके पांडेय ने बताया कि उनके पैर में मोच आ गई थी। वह अस्पताल में ही थे। एक्स रे कराने गए थे।
कमरा नंबर पांच में नहीं मिले चिकित्सक
जिला अस्पताल की ओपीडी के कमरा नंबर पांच में न्यूरो साइकेट्रिक बैठते हैं। मंगलवार की सुबह पड़ताल की गई तो सुबह 8:58 तक यहां तैनात चिकित्सक डॉक्टर प्रणव गौतम नहीं पहुंचे थे। बाहर कई मरीज उनका इंतजार कर रहे थे। डॉ. प्रणव गौतम ने बताया कि वह वार्ड में राउंड पर थे।
स्त्री रोग विभाग में नहीं दिखीं चिकित्सक
जिला अस्पताल का स्त्री रोग विभाग भी तय समय पर नहीं चल रहा था। सुबह 9:10 बजे यहां कोई भी चिकित्सक मौजूद नहीं था। यहां चिकित्सक पुलक यादव व रुचिका सेठ की तैनाती है। कई मरीज भी आसपास मौजूद थे। कुछ बेंच पर बैठे थे, चिकित्सकों का इंतजार कर रहे थे। नौ बजे के करीब सर्जन डॉक्टर रमेश कुमार भी अपनी सीट पर नहीं थे। डॉ. पुलक यादव ने बताया कि वह वार्ड में राउंड करने गईं थीं।
नेत्र विभाग में भी नहीं मिले डॉक्टर
अस्पताल का नेत्र विभाग भी समय से नहीं चल रहा था। यहां सुबह 9:01 बजे चिकित्सक नदारद थे और मरीज इंतजार कर रहे थे। नेत्र विभाग में डॉक्टर राजीव वैश्य, डॉक्टर अजय वर्मा व डॉक्टर कुमुद की तैनाती है, लेकिन यहां कोई मौजूद नहीं था। आज डॉ. राजीव वैश्य का दिन था, लेकिन वह कुंभ मेला ड्यूटी में गए हैं।
पड़ताल की खबर लगी तो आननफानन पहुंचे कई चिकित्सक
मंगलवार की सुबह पड़ताल के दौरान कई चिकित्सक नदारद थे तो कई लोग आननफानन पहुंचे और कुर्सी पर बैठ गए। जानकारी होने पर कक्ष संख्या तीन फिजीशियन, कक्ष संख्या 16 की ओपीडी में आननफानन चिकित्सक साढ़े आठ बजे के बाद पहुंचे। हालांकि कुछ चिकित्सक समय पर पहुंच कर मरीजों का इलाज करते मिले। कक्ष संख्या दो में डॉ. पीतांबर कनौजिया, कक्ष संख्या तीन में डॉ. शुभम पांडेय, कक्ष संख्या नौ में डॉ. अभय गोयल, कक्ष संख्या 12 में डॉ. संदीप कुमार, कक्ष संख्या 14 डॉ. वीवी सिंह, कक्ष संख्या 19 में डॉ. राम विलास रावत, अल्ट्रासाउंड कक्ष संख्या 32 में डॉ. संदीप कुमार व इमरजेंसी में डॉ. हनुमान प्रसाद मरीजों का इलाज करते मिले।
मरीजों ने बताई परेशानी
ओपीडी कक्ष संख्या तीन के बाहर बैठे मरीज आशुतोष वर्मा ने बताया कि वह साढ़े सात बजे अस्पताल आए। मरीज आशुतोष साहू ने बताया कि वह आठ बजे से अस्पताल आए हैं। मरीज कुलदीप चौहान ने बताया कि 10 मिनट आए हो गया। वहीं, कक्ष संख्या चार के बाहर 8:24 बजे बेटी नैंसी का इलाज कराने पहुंचे सुरेश कुमार सैनी व कक्ष संख्या पांच के बाहर आठ बजे से बैठे निखिल कुमार तथा कक्ष संख्या 11 के बाहर बैठी महिला मरीज रुबी चिकित्सक का इंतजार करती दिखी। इसके अलावा अन्य कई मरीज चिकित्सकों के इंतजार में बैठे थे। कहा कि चिकित्सकों का इंतजार कर रहे हैं।
कराई जाएगी जांच
सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि नेत्र चिकित्सक कुंभ मेला में चले गए हैं। महिला रोग विशेषज्ञ चिकित्सक सीएचसी से अटैच हैं, वहां का कार्य निपटाकर आती हैं। कहा कि चिकित्सक वार्ड राउंड से वापस आ गए थे वह ओपीडी कर रहे थे। कुछ चिकित्सक राउंड पर रहे होंगे। फिर भी मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।