गौरीगंज (अमेठी)। कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए असैदापुर में नवनिर्मित (भवन अभी स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर नहीं हुआ है) जिला अस्पताल भवन को एल-वन हॉस्पिटल में परिवर्तित किया जाएगा। शनिवार सुबह जिला मुख्यालय पहुंचे अपर निदेशक स्वास्थ्य अयोध्या मंडल ने अस्पताल भवन का निरीक्षण कर सीएमओ को 200 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार कराने का निर्देश दिया।
जिले में लगातार बढ़ रही कोरोना मरीजों की संख्या को देखते हुए शासन व प्रशासन सक्रिय हो गया है। शासन ने संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए मंडल के एक जिले में एल-वन अस्पताल तैयार कराकर वहीं इलाज करने की निर्देश दिया है। अयोध्या मंडल में अब तक सुलतानपुर जिले के कुड़वार स्थित सीएचसी भवन को मंडलीय एल-वन अस्पताल चिन्हित करते हुए 30 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया था।
कुड़वार का एल-वन अस्पताल संक्रमित मरीजों से भर जाने के बाद 14 मई से बाराबंकी के चंद्रा हास्पिटल को एल-वन अस्पताल में तब्दील कर मंडल के सभी जिलों के मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। हर रोज बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिकों के आने तथा प्रतिदिन मिल रहे नए मरीजों को देखते हुए अब गौरीगंज के असैदापुर में नवनिर्मित जिला अस्पताल भवन को एल-वन अस्पताल के रूप में परिवर्तित करने की कवायद शुरू हो गई है।
शनिवार को जिला मुख्यालय पहुंचे अपर निदेशक स्वास्थ्य अयोध्या मंडल डॉ. राजेंद्र कपूर ने जिला अस्पताल के नवनिर्मित भवन का स्थलीय निरीक्षण किया। एडी ने सीएमओ डॉ. आरएम श्रीवास्तव को अस्पताल भवन में 200 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार कराने का निर्देश दिया। सीएमओ ने बताया कि अस्पताल भवन को एल-वन के रूप में परिवर्तित करते हुए 200 बेड की व्यवस्था सुनिश्चित कराने की कवायद शुरू कर दी गई है।