अमेठी सिटी। मुसाफिखाना क्षेत्र में एक पखवाड़े से रात में आसमान में दिख रही लाल, नीली और पीली रोशनी की वजह से ग्रामीणों को रतजगा करना पड़ रहा है। उनको आशंका है कि चोर ड्रोन के जरिए गांव की रेकी कर रहे हैं। इसके उलट पुलिस का कहना है कि ये ड्रोन नहीं, बल्कि हवाई जहाज की लाइटें हैं। पुलिस अफसर लगातार गांवों में जाकर ग्रामीणों को समझा रहे हैं, लेकिन उनकी शंका अब तक दूर नहीं हुई है।
मुसाफिरखाना के मठाभुसुंडा और रामरायपुर गांव में इसी माह चोरी की वारदात हुई थी। उसके बाद से ड्रोन के जरिए रेकी करने की चर्चा तेज हो गई। तब से इन दोनों गांवों के अलावा पलिया चंदापुर, रुदौली, रामरायपुर, नयाकोट, पिंडारा महाराज, मठाभुसुंडा, पूरे प्रेमशाह, पिंडारा करनाई, गुनैया, धरौली और हरदोइया सहित करीब दो दर्जन गांवों में लोग लाठी-डंडे लेकर रतजगा कर रहे हैं। आसमान में रोशनी दिखते ही लोग घरों के दरवाजे बंद कर लेते हैं। कई परिवारों में महिलाएं व बच्चे छत पर बैठकर निगरानी कर रहे हैं। गांव की गलियों और खेतों के आसपास भी बड़ी संख्या में लोग एकत्र होकर चौकसी कर रहे हैं।
पिंडारा गांव में वैभव सिंह, देव सिंह, राहुल यादव की अगुवाई में टीम सक्रिय है। पूरे पहलवान गांव में अखिलेश पांडेय, विश्वजीत पांडेय, संदीप पांडेय, राहुल पाल और अवधेश पांडेय समेत तमाम युवक चार-चार के समूह में डंडे लेकर रातभर जग रहे हैं। लगातार जागने से कई लोगों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की गश्त कम होने से उनकी चिंता बढ़ी है।
चर्चा कर किया जा रहा गुमराह
एसपी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि कुछ खास इलाकों में ड्रोन उड़ने की चर्चा कर लोगों को गुमराह किया जा रहा है। अब तक किसी ड्रोन की पुष्टि नहीं हुई है। यह क्षेत्र लखनऊ, अयोध्या, वाराणसी, पटना, गुवाहाटी और फुरसतगंज हवाई अड्डों के एयर ट्रैफिक मार्ग में आता है। विमानों की ब्लिंकर लाइट को ही ड्रोन बताया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि बिना सत्यता जाने इस पर ध्यान न दें। संभ्रांत लोग भी लगातार अपील कर रहे हैं कि चर्चा का मिलकर खंडन करें, ताकि गांवों में शांति और सामाजिक सद्भाव बना रहे।