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Amethi News: गांवों में आफत, बारिश से गिरे 21 मकान

Wed, 06 Aug 2025 01:08 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
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फुरसतगंज के पूरे रानी गांव में गिरी झोपड़ी। स्रोत-ग्रामीण। 
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अमेठी सिटी। जिले में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश ने ग्रामीण इलाकों में कहर बरपा दिया है। प्रशासनिक आंकड़ों के मुताबिक सोमवार रात से मंगलवार दोपहर तक 21 मकान धराशायी हो गए हैं, जिससे कई परिवार बेघर हो गए हैं। इस बीच 19.2 मिलीमीटर बारिश हुई है।
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फुरसतगंज के पूरे रानी मजरे भदैया महमूदपुर निवासी रामनरेश की झोपड़ी सोमवार देर शाम गिर गई। हादसे में रामनरेश, पत्नी धनऊ, बेटी शालिनी (8) घायल हो गए। साथ ही छह बकरियां भी जख्मी हो गईं। आसपास के लोगों ने सभी को मलबे से बाहर निकाला और नजदीकी अस्पताल उपचार के लिए ले गए। मौके पर पहुंचे हल्का लेखपाल महेंद्र देव शुक्ला ने नुकसान का जायजा लिया।


इन्हौंना-रुदौली हाईवे पर बाजारशुकुल के जैनबगंज बाजार के समीप मंगलवार सुबह शीशम का पेड़ गिर गया, जिसकी वजह से हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। ग्रामीणों और वन विभाग की टीम ने सड़क से पेड़ हटाया। लगभग दो घंटे की मशक्कत के बाद आवागमन बहाल हो सका।
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मकान गिरने से सामान खराब

सिंहपुर (अमेठी)। तिलोई व सिंहपुर क्षेत्र के कई हिस्सों में बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। क्षेत्र के लौली गांव निवासी राजेश शुक्ला का कच्चा मकान सोमवार रात भरभरा कर गिर पड़ा, जिससे उसमें रखा अनाज, कपड़े व अन्य गृहस्थी का सामान खराब हो गया। गनीमत रही कि इस दौरान कोई जनहानि नहीं हुई। राजस्व लेखपाल कुमार धीरज ने बताया कि नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट तहसील प्रशासन को भेज दी गई है।



कस्बे में लगा लंबा जाम

जगदीशपुर (अमेठी)। मंगलवार को पूरे शोहरत रेल क्रॉसिंग कुछ देर के लिए बंद होने पर कस्बावासियों सहित दूरदराज के राहगीरों को जाम से जूझना पड़ा। चौराहे की चारों सड़कों पर लंबा जाम लग गया। रायबरेली-अयोध्या हाईवे पर जगदीशपुर के जायस मोड़ से लेकर रेलवे स्टेशन निहालगढ़ के समीप स्थित पूरे शोहरत रेलवे क्रॉसिंग दो घंटे तक वाहन रुके रहे। (संवाद)




बारिश से मकान धराशायी

तिलोई (अमेठी)। क्षेत्र की ग्राम पंचायत कूरा के नरायनपुर निवासी रामकरन मौर्य का कच्चा मकान बारिश की भेंट चढ़ गया। वह पास रहने को छत न होने पर एक कच्ची कोठरी में परिवार के साथ रहते थे। राजकरन ने बताया कि दो दिन की बारिश से घर की जर्जर दीवार ढह गई। घर गिरने से रहने का ठिकाना नहीं बचा है। परिवार के साथ वह खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। राजस्व लेखपाल धैर्य श्रीवास्तव ने बताया कि मौके का आकलन कर पीड़ित परिवार की मदद की जाएगी।
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