अमेठी सिटी। जिले की अलग-अलग ब्लॉक की 108 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी बनेगी। चयनित पंचायतों के प्रस्ताव शासन को भेज दिए गए हैं और राशि मिलने पर प्रत्येक पुस्तकालय पर करीब चार लाख रुपये खर्च होंगे। यह पहल गांवों में ही विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन संसाधन उपलब्ध कराएगी।
गांव स्तर पर स्थापित होने वाली लाइब्रेरी में छात्र स्थानीय स्तर पर ही पढ़ाई कर सकेंगे, जिससे शहर या बड़े केंद्रों में जाने की आवश्यकता नहीं रहेगी। इस सुविधा से समय और धन दोनों की बचत होगी। बच्चों के लिए बाल साहित्य, चित्र पुस्तकें और इंटरएक्टिव लर्निंग एप्स उपलब्ध होंगे, जो उनकी रुचि और सीखने की क्षमता के अनुसार मददगार साबित होंगे। वृद्धजन भी इस डिजिटल पहल से जुड़ पाएंगे। समाचार पत्र, धार्मिक ग्रंथ और ऑडियो बुक्स उन्हें नवीनतम जानकारी व मनोरंजन उपलब्ध कराएंगे। इस प्रकार ग्रामीण समाज के सभी वर्ग तकनीकी रूप से सशक्त बन सकेंगे और ज्ञान तक सहज पहुंच सुनिश्चित होगी।
प्रत्येक डिजिटल लाइब्रेरी में कंप्यूटर, लैपटॉप, प्रिंटर, इंटरनेट और फर्नीचर की व्यवस्था होगी। विद्यार्थियों के अध्ययन और बैठने की सुविधा के लिए कुर्सियां और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। चयनित ग्राम पंचायतों में लाइब्रेरी संचालन ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव और पंचायत सहायक की देखरेख में होगा।
किताबों संग इंटरनेट की रहेगी सुविधा
प्रत्येक पुस्तकालय पर चार लाख रुपये खर्च होंगे। इसमें दो लाख रुपये किताबों, एक लाख रुपये कंप्यूटर और शेष राशि अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर खर्च होगी। लाइब्रेरी में 50 प्रतिशत राष्ट्रीय स्तर की किताबें और 50 प्रतिशत स्थानीय स्तर की सामग्री उपलब्ध रहेगी। इंटरनेट सुविधा 20 हजार रुपये की लागत से सुनिश्चित की जाएगी, जिससे छात्र डिजिटल अध्ययन में समर्थ होंगे।
धन मिलते ही शुरू होगा निर्माण
डीपीआरओ मनोज त्यागी ने बताया कि चयनित ग्राम पंचायतों में लाइब्रेरी स्थापना की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। शासन से धन प्राप्त होते ही निर्माण का कार्य आरंभ होगा। इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर संसाधन उपलब्ध होंगे और स्थानीय युवाओं को सशक्त बनाने में मदद मिलेगी।