गौरीगंज (अमेठी)। डिजिटल मिशन ऑन एग्रीकल्चर के तहत प्रदेश में उगाई जाने वाली फसलों का अब मोबाइल एप से रियल टाइम सर्वेक्षण किया जाएगा। पहले चरण में जिले के दस गांवों का चयन हुआ है। बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कर्मियों को डिजिटल सर्वे विधि में प्रशिक्षित किया गया।
पायलेट प्रोजेक्ट के तहत 10 अगस्त से 25 सितंबर तक संचालित सर्वेक्षण अभियान में मोबाइल एप से फसल रकबा, कृषि योग्य भूमि समेत सभी अन्य आंकड़े एकत्र किए जाएंगे। अपलोड का आंकड़ों का मिलान सेटेलाइट से भी किया जाएगा। जिले के 10 गांवों का डिजिटल क्रॉप सर्वे किया जाएगा।
एडीएम अर्पित गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में डिजिटल सर्वे से संबंधित समस्त बारीकियों एवं उससे जुड़ी समस्त जानकारियों को मास्टर ट्रेनरों को बताया गया। बताया कि रबी-2023 में शत प्रतिशत ग्राम पंचायतों का डिजिटल क्रॉप सर्वे किया जाएगा। उप कृषि निदेशक अमेठी डॉ. एलबी यादव ने बताया कि योजना नीतिगत निर्णयों को लेने में लाभदायक साबित होगी व फसलों का डाटा रजिस्ट्री के रूप में उपलब्ध रहेगी।
राजस्व विभाग, कृषि विभाग एवं सांख्यिकी विभाग कार्मिक योजना को क्रियान्वित करेंगे। 10 अगस्त से 25 सितंबर तक सर्वेक्षण कार्य चलेगा। बताया कि शासन की ओर से डिजिटल मिशन ऑन एग्रीकल्चर के तहत प्रदेश में उगाई जाने वाली फसलों के रियल टाइम सर्वेक्षण की कार्रवाई की जा रही है।
इन गांवों का योजना में चयन
गौरीगंज (अमेठी)। जिला कृषि अधिकारी रविकांत सिंह ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के रूप में जिले की दस गांव में फसलों की पड़ताल मोबाइल एप से की जाएगी। योजना में अमेठी के रामनगरमाफी, रामपुर, दुर्गापुर, गौरीगंज में ओरीपुर, राजापट्टी, नौव्वाडीह, तिलोई में भानीपुर, हथरोहना, मुसाफिरखाना गोड़वा, बागमीरा का चयन हुआ है। यहां पर मोबाइल एप से डिजिटल पड़ताल की जाएगी।