गौरीगंज स्थित गोविंद गैस एजेंसी के बाहर बैठे उपभोक्ता।
- फोटो : गौरीगंज स्थित गोविंद गैस एजेंसी के बाहर बैठे उपभोक्ता।
अमेठी सिटी। रसोई गैस की होम डिलीवरी पांच मार्च से बंद है। किसी तरह बुकिंग हो रही है तो भी सिलिंडर मिलने में दो से तीन दिन लग रहे हैं। उपभोक्ताओं को बार-बार सिलिंडर लेकर एजेंसी की दौड़ लगानी पड़ रही है। पर्याप्त गैस होने का दावा करने वाले इस समस्या पर चुप्पी साधे बैठे हैं। वहीं दौड़भाग से ऊब चुके लोग वैकल्पिक साधनों पर विचार करने लगे हैं।
गौरीगंज स्थित गोविंद गैस एजेंसी पर टोपरी गांव निवासी रामलखन सुबह से लाइन में खड़े मिले। उन्होंने बताया कि 10 मार्च से सिलिंडर के लिए भटक रहे हैं। 13 मार्च को बुकिंग हुई लेकिन डिलीवरी कोड 16 मार्च को मिला, फिर भी अब तक सिलिंडर नहीं मिल सका। कभी स्टॉक खत्म होने तो कभी गाड़ी न आने की बात कहकर लौटा दिया जाता है। मजबूरी में चूल्हे पर खाना बनाना पड़ रहा है। स्मार्टफोन न होने या तकनीकी जानकारी की कमी से कई उपभोक्ताओं की दिक्कतें और बढ़ गई है। क्रांति देवी ने बताया कि सात दिन से सिलिंडर के लिए एजेंसी के चक्कर लगा रही हैं। ई-केवाईसी और बुकिंग के बाद भी इंतजार करना पड़ रहा है। रामकल्प ने कहा कि रोज एजेंसी का चक्कर लगाने के बावजूद कभी सर्वर तो कभी स्टॉक का हवाला देकर लौटा दिया जाता है। फोन पर संपर्क भी संभव नहीं हो पा रहा।
मिला सिलिंडर तो जैसे जंग जीत ली
शिवांश गैस एजेंसी पर भी सुबह से भारी भीड़ रही। मो. सिराज ने बताया कि तीन दिन बाद बुकिंग हो सकी और अब रसीद मिलने के बाद सिलिंडर मिलने की उम्मीद बनी है। उन्होंने कहा कि सिलिंडर मिलना अब जंग जीतने जैसा लगता है। रामदुलारी ने बताया कि कई दिन तक अंगीठी पर खाना बनाना पड़ा। आज सिलिंडर मिलने पर राहत मिली। कपिल कुमार ने कहा कि कोड न आने के कारण एजेंसी पहुंचकर भुगतान करना पड़ा, तब जाकर प्रक्रिया आगे बढ़ी।
गैस की कमी नहीं
जिला पूर्ति अधिकारी शशिकांत ने बताया कि घरेलू गैस पर्याप्त है। अतिरिक्त मांग के चलते दिक्कत आ रही है। जिन्हें जरूरत है, वही गैस बुक करें तो समस्या नहीं आएगी।