जगदीशपुर स्थित सेल कैंपस के आनंदेश्वर शिव मंदिर में पूजा करते पुजारी व श्रद्धालु। -संवाद
जगदीशपुर (अमेठी)। गुप्त नवरात्र के चौथे दिन रविवार को मां भुवनेश्वरी की आराधना में श्रद्धालु भक्तिभाव से डूबे रहे। आषाढ़ मास की इस विशेष नवरात्र में तांत्रिक साधना के साथ-साथ आम श्रद्धालुओं भी मां के दरबार में हाजिरी लगाई।
स्थानीय औद्योगिक क्षेत्र स्थित सेल कैंपस के आनंदेश्वर शिव मंदिर में रविवार को श्रद्धालुओं का जमावड़ा रहा। भक्तों ने मां भुवनेश्वरी के प्रतिबिंब को आदिशक्ति का रूप मानकर विधिवत पूजन किया और आशीर्वाद की कामना की। मंदिर के पुजारी पंडित अनिल शास्त्री ने बताया कि गुप्त नवरात्र में देवी आराधना के महत्व को जानने वाले लोग बड़ी संख्या में मंदिर पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि इन दिनों श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों से अधिक होती है।
मां भुवनेश्वरी को सौंदर्य, ऐश्वर्य, विद्या और शक्ति की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है। श्रद्धालु इनसे मानसिक शांति, पारिवारिक सुख और साधना सिद्धि की कामना करते हैं। रविवार को कई श्रद्धालुओं ने उपवास रखकर मंदिरों में विशेष पूजन किया। कई स्थानों पर भजन-कीर्तन का भी आयोजन हुआ। श्रद्धालुओं ने बताया कि गुप्त नवरात्र की साधना भीतर की शक्ति जगाने का अवसर देती है और मां भुवनेश्वरी की कृपा से जीवन में सुख-समृद्धि का संचार होता है।
पंडित आशुतोष पांडेय के अनुसार मां भुवनेश्वरी को सृष्टि की जननी और 10 महाविद्याओं में एक माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि उन्होंने शिव के साथ मिलकर राक्षसों का संहार किया और संतुलन स्थापित किया। उनकी उपासना से साधक को आत्मबल और दिव्यता प्राप्त होती है। पंडित आशुतोष बताते हैं कि मां भुवनेश्वरी की पूजा करने से व्यक्ति को मानसिक शांति, ऐश्वर्य और सिद्धि प्राप्त होती है। जो लोग साधना, ज्ञान और सफलता की कामना रखते हैं, उनके लिए यह आराधना अत्यंत फलदायी मानी जाती है।