अमेठी सिटी। बेसिक शिक्षा विभाग में वित्तीय अनियमितता की जांच तेज हुई तो जिम्मेदार अधिकारियों ने भी चुप्पी साध ली है। जबकि शिक्षक संगठनों का कहना है कि वेतन व एरियर का पैसा यदि किसी को भेजा गया है तो कोषागार का प्रयोग जरूर किया गया होगा। ऐसे में कोषागार से बैंक खातों का विवरण प्राप्त किया जा सकता है।
बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त व लेखा कार्यालय से करीब पौने दो करोड़ रुपये दूसरों के बैंक खातों में भेजने का मामला चर्चा में है। मामले की जांच के लिए डीएम निशा अनंत ने तीन सदस्यीय कमेटी का भी गठन किया है। कमेटी के अध्यक्ष एडीएम न्यायिक दिनेश मिश्र, जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. राजेश कुमार द्विवेदी व वरिष्ठ कोषाधिकारी रामेंद्र कुमार शर्मा हैं। जांच टीम ने फिलहाल वित्त व लेखाधिकारी कार्यालय में वर्तमान व पूर्व में कार्यरत रहे सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को नोटिस देकर उनका बैंक खाता विवरण व अन्य जानकारी मांगी है।
प्राथमिक शिक्षक संगठन के जिलाध्यक्ष अशोक मिश्र का कहना है कि कोषागार से ही शिक्षकों का वेतन व एरियर भेजा जाता है। ऐसे में कोषागार से भेजे गए बैंक खाते का विवरण आसानी से पता किया जा सकता है। इसी के साथ कार्यालय के माध्यम से किसी कर्मचारी को न भेजकर उसके मिलने-जुलने वालों को धनराशि भेजी जा सकती है। जांच टीम के प्रमुख अपर जिलाधिकारी दिनेश मिश्र ने बताया कि मामले की जांच में गोपनीयता बरती जा रही है।