अमेठी सिटी। घने कोहरे का असर लगातार बना हुआ है। बीते पांच दिनों से मौसम का यही मिजाज देखने को मिल रहा है। सोमवार को सुबह 10 बजे तक घना कोहरा छाया रहा। इस दौरान दृश्यता मात्र 10 मीटर रही। पछुआ हवा चलने से न्यूनतम तापमान में 1.5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जिससे गलन बढ़ गई। लोग घरों में दुबके रहे और आवश्यक कार्य होने पर ही बाहर निकले। बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा।
रविवार रात से ही कोहरा घना होने लगा था। सुबह छाए कोहरे की वजह से दृश्यता कम होने से वाहन चालकों को परेशानी हुई। ठंड का सबसे अधिक प्रभाव गरीब और जरूरतमंद वर्ग पर पड़ा। सुबह और शाम को चली ठंडी पछुआ हवा ने गलन और बढ़ा दी। सर्दी से बचाव के लिए लोगों ने अलाव का सहारा लिया। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, हाईवे किनारे व बाजारों में दिन के समय भी अलाव जलते देखे गए।
दोपहर में हल्की धूप निकली, लेकिन उससे खास राहत नहीं मिली। शाम होते ही फिर से ठंड बढ़ गई और बाजारों में आम दिनों की तुलना में जल्दी सन्नाटा छा गया।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमर नाथ मिश्र ने बताया कि जिले का अधिकतम तापमान 17 डिग्री और न्यूनतम तापमान 7.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। आने वाले दिनों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है।
कोहरे में बिना फॉग लाइट दौड़ रहीं बसें
घने कोहरे के बीच सोमवार सुबह टांडा–बांदा हाईवे पर कई रोडवेज बसें बिना फॉग लाइट चलती नजर आईं। जामों तिराहा, सराय भागमानी और अस्थायी बस स्टॉप के पास इन बसों का संचालन दिखाई दिया। कोहरे में छोटे वाहन और पैदल राहगीर साफ नजर नहीं आते, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
फसलों पर पाले का खतरा
कृषि वैज्ञानिक डॉ. नवनीत मिश्र ने बताया कि कोहरा और पाले का असर आलू, सब्जी, तिलहनी और दलहनी फसलों पर पड़ सकता है। किसानों को खेतों में नमी बनाए रखने की सलाह दी गई है।
गौरीगंज कस्बे में टांडा-बांदा हाईवे पर सोमवार सुबह कोहरे व ठंड में गुजरते राहगीर, गौरीगंज रेलवे
गौरीगंज कस्बे में टांडा-बांदा हाईवे पर सोमवार सुबह कोहरे व ठंड में गुजरते राहगीर, गौरीगंज रेलवे