अमेठी सिटी। पीड़ित महिलाओं की शिकायतों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित अफसर शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उसकी जांच कर समाधान कराएं। ये बातें शुक्रवार को गौरीगंज तहसील सभागार में महिला उत्पीड़न संबंधी मामलों की सुनवाई करते हुए उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने कहीं।
उन्होंने घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, कार्यस्थल पर शोषण, संपत्ति विवाद और मानसिक उत्पीड़न सहित 10 गंभीर प्रकरणों को व्यक्तिगत रूप से सुना। अध्यक्ष ने प्रत्येक पीड़िता को न्याय दिलाने का आश्वासन देते हुए संबंधित अधिकारियों को शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। जनसुनवाई के बाद राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने महिला कल्याण विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की।
इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना, वन स्टॉप सेंटर योजना, रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष योजना तथा घरेलू हिंसा से संबंधित मामलों की प्रगति की समीक्षा की।
उन्होंने पुलिस विभाग के तहत दहेज उत्पीड़न, अपहरण, छेड़छाड़ व हत्या के मामलों की भी समीक्षा की। इसके अलावा उन्होंने समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण, स्वास्थ्य और दिव्यांगजन कल्याण विभागों की योजनाओं की समीक्षा संग परिवहन विभाग को टैक्सी, ऑटो और स्कूली बसों में चालक का नाम व मोबाइल नंबर स्पष्ट रूप से अंकित कराने का निर्देश दिया।
इसके पूर्व वह अस्पताल परिसर में आयोजित कन्या जन्मोत्सव, गोद भराई एवं अन्नप्राशन कार्यक्रमों में शामिल हुई। उन्होंने गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की रस्म निभाई और छह माह के बच्चों को अन्नप्राशन कराया।
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के तहत आयोजित कन्या जन्मोत्सव कार्यक्रम में नवजात बालिकाओं की माताओं को बेबी किट और प्रमा पत्र वितरित किए गए।
उन्होंने महिलाओं से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना और मिशन शक्ति जैसे कार्यक्रमों की जानकारी दी।
इसके बाद उन्होंने टीकाकरण कक्ष, एसएनसीयू वार्ड, डायलिसिस वार्ड, आयुष्मान भारत वार्ड और ऑपरेशन कक्ष का निरीक्षण किया। मरीजों से बात कर उनका हालचाल जाना और चिकित्सकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर एसडीएम प्रीति तिवारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बीपी अग्रवाल आदि मौजूद रहे।