यूपी के अमेठी में मुंशीगंज स्थित संजय गांधी अस्पताल में विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद ससुरालीजन शव छोड़ कर फरार हो गए। जानकारी के बाद मायके वालों ने ससुरालीजनों पर हत्या करने का आरोप लगाते हुए मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस मामले की जांच के साथ कार्रवाई में जुटी है।
11 नवंबर को नसीराबाद थाने में शिकायत करने के बाद सुलह-समझौता भी हुआ था, लेकिन इसके बाद भी प्रताड़ना कम नहीं हुई। बुधवार शाम फोन कर अल्पना की तबीयत खराब होने की जानकारी देेते हुए मुंशीगंज स्थित संजय गांधी अस्पताल बुलाया। दिनेश का आरोप है कि जब वह परिजनों संग अस्पताल पहुंचे तो बेटी की मौत हो चुकी थी। पति संग अन्य ससुरालीजन मौके से भाग चुके थे।
डॉक्टरों ने बताया कि अल्पना की मौत पहले हो चुकी थी। मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया है। अल्पना का शव घर लाने के बाद दिनेश ने ससुरालीजनों से संपर्क किया तो उनसे अभद्रता करने लगे। दिनेश ने मामले की सूचना पुलिस को दी। एसएचओ बृजेश सिंह ने बताया कि दिनेश की सूचना पर पंचायतनामा के आधार पोस्टमार्टम करवाया गया है। प्रकरण नसीराबाद थाने से संबंधित है। पोस्टमार्टम हाउस से ससुरालीजन शव का अंतिम संस्कार करने के लिए नसीराबाद ले गए हैं।
विवाहिता को सीढ़ी से गिर कर घायल होने की बात कह कर ससुराली पक्ष निजी अस्पताल ले गए, वहां के डॉक्टर ने सब कुछ नार्मल होने की बात कह कर डिस्चार्ज दिया। ससुराल से घर जाने के बजाय विवाहिता को लेकर संजय गांधी अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया और मृत्यु प्रमाण पत्र भी बना दिया। अब एक घंटे में विवाहिता के साथ क्या हुआ यह जांच का विषय है।
फिलहाल परिजनों ने थाने में तहरीर देकर बहन के ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगाया है। भाई अनूप का आरोप है कि बहन की साजिश के दौरान हत्या की गई है। बताया कि निजी अस्पताल अस्पताल में सब कुछ ठीक होने के बावजूद परिजन उसे लेकर संजय गांधी अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
अब एक घंटे में ऐसा क्या हुआ जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस अगर सही तरीके से जांच करेगी तो सब सच सामने आएगा। सूत्रों की बातों पर यकीन करें तो पोस्टमार्टम में भी मौत का सही कारण स्पष्ट नही हो पाया, जिसके बाद बिसरा सुरक्षित कर दिया गया है।