गौरीगंज (अमेठी)। चार दिन पूर्व संग्रामपुर थाना क्षेत्र के सहजीपुर गांव के समीप रेलवे ट्रैक किनारे मिले शव की शिनाख्त सोशल मीडिया पर वायरल फोटो के जरिए हुई। परिवारजनों के अनुसार मृतक की मानसिक स्थिति अच्छी नहीं थी।
लखनऊ-वाराणसी रेलमार्ग पर स्थित सहजीपुर गांव के समीप तीन जून की सुबह ग्रामीणों ने एक शव मिलने की सूचना संग्रामपुर पुलिस को दी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पहले शव की पहचान कराने की कोशिश की लेकिन शिनाख्त नहीं होने पर अज्ञात में मामला दर्ज कर उसका पोस्टमार्टम कराया था।
पुलिस ने मृतक की फोटो को सोशल मीडिया के जरिए शिनाख्त के लिए विभिन्न तरह से वायरल किया। सोशल मीडिया पर फोटो देखकर परिवारीजन संग्रामपुर थाने पहुंचे और शव की शिनाख्त मुसाफिरखाना थाना क्षेत्र के गांव हरदोइया निवासी शिवकुमार मिश्र के रूप में की।
परिवार के राजाराम मिश्र ने बताया कि पिछले आठ-नौ माह से मृतक का मानसिक संतुलन ठीक नहीं था। उसका इलाज सुल्तानपुर तथा गौरीगंज से चल रहा था। मानसिक अस्वस्थता के बीच वह दो जून को घर से कहीं चला गया। ढूंढने के बाद भी कहीं पता नहीं चलने पर तीन जून की सुबह मुसाफिरखाना थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
परिवार की ओर से किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं किए जाने की लिखित सहमति भी पुलिस को दी गई। एसएचओ राजीव सिंह ने बताया कि मृतक का सैंपल लेकर कोरोना जांच के लिए भेजते हुए शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखा गया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद शव परिवारीजनों के सुपुर्द किया जाएगा।