अमेठी सिटी। बेटियों की सुरक्षा और आत्मसम्मान को लेकर जागरूकता आज की सबसे बड़ी जरूरत है। आत्मरक्षा का प्रशिक्षण न सिर्फ उन्हें विपरीत परिस्थितियों से निपटने की क्षमता देता है, बल्कि उनके भीतर छिपे आत्मविश्वास को भी नई उड़ान देता है। इसी उद्देश्य के साथ बृहस्पतिवार को अमर उजाला के अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स, नारी गरिमा का साझा संकल्प अभियान के तहत पीएमश्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज अमेठी में आत्मरक्षा कार्यशाला का आयोजन किया गया।
प्रधानाचार्या डॉ. फूलकली गुप्ता ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि अपराजिता का भाव केवल संघर्ष का नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, साहस और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। आज की बेटियों को शैक्षिक ज्ञान के साथ आत्मरक्षा के हुनर से भी सशक्त होना होगा, ताकि वे हर परिस्थिति में स्वयं को सुरक्षित रख सकें और समाज में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि यह अभियान बेटियों की गरिमा और सुरक्षा को लेकर समाज की सामूहिक जिम्मेदारी का अहसास कराता है।
उन्होंने अमर उजाला की इस पहल को समय की आवश्यकता बताते हुए सराहना की तथा छात्राओं को नियमित रूप से समाचार पत्र पढ़कर जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि आज के परिवेश में बेटियों का आत्मनिर्भर और निडर होना अत्यंत आवश्यक है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम उन्हें भय से मुक्त करते हैं और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शक्ति देते हैं।
कार्यशाला में प्रशिक्षक ममता ने छात्राओं को आत्मरक्षा के व्यावहारिक और सरल गुर सिखाए। उन्होंने बताया कि नियमित अभ्यास और सही तकनीक से बेटियां किसी भी आपात स्थिति में अपना बचाव कर सकती हैं। इस दौरान जूडो-कराटे की बुनियादी तकनीकों के साथ दैनिक जीवन में उपयोगी आत्मरक्षा के टिप्स भी दिए गए।
कार्यशाला में शामिल छात्राओं प्रिया, सलोनी, विभा, सुनीता, मनोरमा और अल्पना ने कहा कि इस कार्यक्रम से उन्हें आत्मरक्षा के कई महत्वपूर्ण तरीके सीखने को मिले हैं। उन्होंने बताया कि अब वे पहले से अधिक आत्मविश्वासी महसूस कर रही हैं और अपनी सुरक्षा को लेकर सजग हुई हैं। इस मौके पर डॉ. ऋचा देवी, कुमुद सिंह, रूबी सिंह, रुचिका सिंह, ममता कुमारी, जरीन बेगम और अनिता यादव मौजूद रहीं।