अमेठी। अमेठी इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल एंड साइंसेज (एआईपीएस) के फर्जीवाड़े ने कई परिवारों की उम्मीदें तोड़ दी हैं। गंगागंज सरवनपुर निवासी कन्हैयालाल का परिवार भी उनमें से एक है। पान की छोटी दुकान चलाकर बेटी की पढ़ाई के लिए चार साल में 90 हजार रुपये जोड़े, लेकिन कॉलेज के फर्जी निकलने से सारी मेहनत मिट्टी में मिल गई।
कन्हैयालाल ने बताया कि उन्होंने बेटी को एएनएम कोर्स में दाखिला दिलाने के लिए अपनी जमा पूंजी दी थी। उम्मीद थी कि बेटी पढ़ाई पूरी कर बेहतर जीवन जिएगी, लेकिन कॉलेज की मान्यता जांच में फर्जी पाई गई। इसके बाद परिवार के सपने बिखर गए। पीड़ित पिता ने कहा कि अब आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर है कि दोबारा फीस देना संभव नहीं। उन्होंने बताया कि कॉलेज संचालकों ने फर्जी कागजात और झूठे वादों से दर्जनों अभिभावकों को ठगा है।
कन्हैयालाल ने बताया कि शिकायत करने के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है कि ठगी करने वालों पर कार्रवाई कर उनके जैसे गरीब परिवारों को न्याय दिलाया जाए। एआईपीएस प्रकरण में कई छात्रों और अभिभावकों ने भी प्रशासन से मांग की है कि भविष्य की पढ़ाई और जमा रकम की वापसी सुनिश्चित की जाए, ताकि अब किसी की मेहनत यूं बर्बाद न हो।