गौरीगंज (अमेठी)। लॉकडाउन की अवधि में दैनिक मजूदरों को आर्थिक परेशानी से बचाने के लिए शासन के निर्देश पर नगरीय निकाय सक्रिय हो गए हैं। निकायों में कर्मी डोर-टू-डोर मजदूरों का डाटा एकत्र कराते हुए उनसे फार्म भरवा रहे हैं। फार्म भराने के बाद पात्रता की जांच करते हुए उन्हें मुख्यमंत्री की ओर से घोषित भरण पोषण योजना से आच्छादित किया जाएगा।
कोरोना वायरस संक्रमण रोकने के लिए घोषित लॉकडाउन के दौरान पटरी दुकानदार, रिक्शा चालक, इक्का चालक, टेंपो चालक, पल्लेदार व दैनिक श्रमिकों के सामने उत्पन्न आर्थिक परेशानी को दूर करने की कवायद शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से श्रमिकों को एक हजार रुपये भरण-पोषण तथा निशुल्क राशन योजना शुरू होने के बाद नगर पालिका परिषद गौरीगंज ने मजदूरों को चिन्हित करना शुरू कर दिया है।
विभाग ने वार्डवार सभासदों के सहयोग से कर्मियों की ड्यूटी लगाते हुए लोगों के आधार कार्ड व बैंक डिटेल के साथ फार्म भराना शुरू कर दिया है। फार्म भरने के बाद निकाय उसका सत्यापन करने के बाद योजना के पात्रों को चिन्हित कर मुख्यमंत्री की ओर से घोषित भरण-पोषण योजना से आच्छादित करेगा। नगर पालिका परिषद के अधिशाषी अधिकारी सुजीत कुमार ने श्रमिक/दैनिक मजूदरों को चिन्हित करने की पुष्टि करते हुए बताया कि जांच के बाद योजना से लाभान्वित किया जाएगा।