पुलिस ने तीन साइबर ठगों को गिरफ्तार किया
- फोटो : सोर्स-पुलिस
यूपी के अमेठी में साइबर पुलिस ने एसटीएफ लखनऊ की मदद से तीन साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। इन्हें मध्यप्रदेश के भोपाल से पकड़ा गया है। पकड़े गए आरोपी सोशल मीडिया पर फेक लिंक भेजकर बैंक खातों से रुपये उड़ाते थे। चौंकाने वाली बात यह रही कि पकड़े गए आरोपी बीफार्मा के छात्र हैं। ये कॉल सेंटर में नौकरी के दौरान ठगी के नेटवर्क से जुड़े। अब तक लाखों की ठगी को अंजाम दिया।
सीओ गौरीगंज अखिलेश वर्मा ने बताया कि रामगंज के त्रिसुंडी अग्रेसर गांव निवासी आशीष विक्रम सिंह को अगस्त 2024 में फेसबुक पर एक लिंक भेजा गया। लिंक खोलने के बाद व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर टास्क पूरा करने को कहा गया। टास्क पूरा करने पर 10 हजार रुपये मिलने का लालच दिया गया। इसके बाद ठगों ने उनका खाता माइनस में दिखाकर कुल 15 लाख 84 हजार रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए।
इनके कब्जे से ये हुआ बरामद
आशीष ने इसकी शिकायत साइबर थाने में की थी। मामले की जांच करते हुए पुलिस व एसटीएफ टीम ने भोपाल से शिवांश मिश्रा, रवि सिंह और उमाशंकर तिवारी को गिरफ्तार किया है। बीफार्मा के छात्र हैं। इनके पास से तीन मोबाइल, 16 डेबिट कार्ड, 15 चेकबुक, नौ पासबुक, एक पेन ड्राइव, 359 व्हाट्सएप चैट स्क्रीनशॉट और अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वो पहले कॉल सेंटर में नौकरी करते थे। वहां उनकी मुलाकात जुबैर खान, सैफ खान और अनिल नायक जैसे शातिर ठगों से हुई। अनिल और अमित नायक नाम के ठग फर्जी दस्तावेज पर बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी में इस्तेमाल करते थे।
गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी टीम
आरोपियों ने आगे बताया कि अब तक उन्होंने करीब 50 फर्जी बैंक खाते खुलवाकर गिरोह को दिए। हर खाते के बदले 15 हजार रुपये व कमीशन मिला। साइबर थाना प्रभारी राजेश कुमार बताया कि तीनों का चालान कोर्ट में पेश किया गया। वहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। टीम पूरे गिरोह की गिरफ्तारी के प्रयास में लगी है।
सावधान रहें... ऐसे साइबर ठगों से कैसे बचें
- अंजान लिंक पर क्लिक न करें।
- व्हाट्सएप व टेलीग्राम पर आए लालच वाले मैसेज से बचें।
- ओटीपी, पासवर्ड, बैंक डिटेल किसी को न बताएं।
- ठगी की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें।
- सोशल मीडिया पर हर लिंक की सत्यता जांचें।