जगदीशपुर (अमेठी)। अरहर की अच्छी खेती करने के लिए किसान उन्नत बीज का चयन करें। अरहर की बोआई हमेशा मेड़ों पर करनी चाहिए। कृषि विज्ञान केंद्र कठौरा के अध्यक्ष एवं वैज्ञानिक डॉ. आरके आनंद ने बताया कि यह समय अरहर की बोआई का अनुकूल समय है। अरहर की एक एकड़ खेती के लिए पांच से छह किलोग्राम बीज की आवश्यकता होती है।
अरहर की खेती हमेशा ऊंचे स्थानों पर ही करें। जहां पर बारिश से अरहर की फसल खराब हो जाती हो, वहां खेतों में मेड़ बनाकर अरहर की बोआई करें। खेत में 60-60 सेंटीमीटर की दूरी पर 20 से 25 सेंटीमीटर ऊंची मेड़ बनाकर 25 से 30 सेंटीमीटर की दूरी पर अरहर की बोआई करें। अरहर का अच्छा उत्पादन पाने के लिए इसकी अच्छी प्रजातियों जैसे आईपीए 203, आईपीए 206, नरेंद्र अरहर 1 एवं नरेंद्र अरहर 2, राजेंद्र अरहर 1 जैसी प्रजातियों की बोआई करें। इस तकनीक से बारिश से फसल खराब नहीं होगी और उत्पादन भी बेहतर होगा।